मिशन शक्ति: महिलाओं की आत्मरक्षा के लिए विशेष आयोजन।

संस्कृत के विद्यार्थियों को सेना में जेसीओ में चयन के आसान मार्ग लेफ्टिनेंट संजय राय

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में “मिशन शक्ति” के विशेष अभियान (फेज़-5) का आयोजन “महिलाओं की आत्मरक्षा हेतु विशेष व्याख्यान कार्यक्रम की आधुनिक भाषा एवं भाषा विज्ञान की आचार्य तथा मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी प्रो विद्या कुमारी चंद्रा की अध्यक्षता में आज पूर्वाह्न् 11:30 बजे आयोजित किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि एनसीसी के सीओ लेफ्टिनेंट संजेश राय ने बिल्कुल, एनसीसी के माध्यम से लड़कियों को आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता की शिक्षा देना बहुत ही महत्वपूर्ण है। संस्कृत विश्वविद्यालय के बच्चों का सेना में जेसीओ के पदों पर चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है।एनसीसी के सीओ ने अपने संबोधन में कहा कि अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन को अपनाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. नितिन आर्य (असिस्टेंट प्रोफेसर एवं एन.सी.सी. अधिकारी) ने रामायण, महाभारत के जीवन दर्शन पर विस्तार से बताया कि उसमें महिलाओं का क्या स्थान था। वेदों में महिलाओं के योगदान और स्थान पर प्रमुखता से उनके स्थान को बताया। प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा नोडल अधिकारी, मिशन शक्ति की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दिनांक 09 नवंबर से निरन्तर विभिन्न विषयों पर चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज महिलाओं के आत्म रक्षा के कौशल पर प्रकाश डाला।जीवन में सभी विद्यार्थी अपने परिवार को इस मिशन के बारे बताएं जो कि निरन्तर जनजागरण होगा।
नारी विशाल हृदय, धैर्य, शालीनता, त्याग की प्रतिमूर्ति है।जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र ने कहा कि नारी परिवार की आत्मा होती हैं,उनका विशाल हृदय, धैर्य, शालीनता,त्याग की प्रतिमूर्ति है। परिवार में अनुशासन और त्याग का जागरण भी नारी के माध्यम से होता है।अपने आप में पाठशाला होती हैं नारियां।छोटा बच्चा भी मां से जीवन संस्कार का पाठ पढ़कर राष्ट्र निर्माण का सिपाही बनता है।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *