MD News बहुआयामी सामाचार चैनल
जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख
रोहित जैन जनपद मुजफ्फरनगर

नई दिल्ली।
शादी-ब्याह के सीज़न में जहाँ कभी लोग बैंक जाकर निमंत्रण पत्र दिखाकर आसानी से ₹10 और ₹20 के नए नोटों की गड्डियाँ ले लेते थे, वहीं अब वही गड्डियाँ बैंक काउंटर पर मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। स्थिति यह है कि आम ग्राहक घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटते हैं, लेकिन वही नोट बाहर ब्लैक मार्केट में 400–500 रुपये अतिरिक्त देकर आसानी से खरीदे जा सकते हैं।

लोगों का कहना है कि छोटे नोटों की गड्डियाँ न मिलने से शादी-ब्याह जैसे मौकों पर उपहार और रस्मों में भारी परेशानी होती है। मजबूरी में कई परिवारों को बाज़ार में अतिरिक्त कीमत देकर गड्डियाँ लेनी पड़ रही हैं।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पहले बैंक में कार्ड दिखा दो, तुरंत गड्डी मिल जाती थी। अब सिफ़ारिश लगाने पर भी नहीं मिलती, लेकिन बाहर जितनी चाहो ब्लैक में खरीद लो।”

जानकारों का मानना है कि छोटे नोटों की कमी के पीछे बैंक कर्मचारियों और कुछ दलालों के बीच चल रहे अनौपचारिक नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि रिज़र्व बैंक से आने वाली नई नोट गड्डियाँ सीधे बाज़ार में डाइवर्ट कर दी जाती हैं, जिससे बैंक काउंटर पर कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है और ब्लैक मार्केट फैलता है।

ग्राहकों का सवाल है कि जब बैंक में नए नोट नहीं, तो फिर बाज़ार में इतनी आसानी से कैसे उपलब्ध हो जाते हैं?
इस पूरे मामले ने नोट वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों ने सरकार और रिज़र्व बैंक से मांग की है कि छोटे नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और ऐसे किसी भी भ्रष्टाचार या सर्कुलेशन में गड़बड़ी पर सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।

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