उत्तर प्रदेश पत्रकारिता प्रभारी
संवाददाता जे पी सिंह की रिपोर्ट

बहुआयामी समाचार
एम डी न्यूज़ अलीगढ़

सुबह की बड़ी खबरें: राजनीतिक टकराव

  • संसद सत्र की तैयारी: संसद का शीतकालीन सत्र बीएलओ की मौतों और एसआईआर (सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के हंगामे के लिए तैयार है।
  • बीएलओ का मानदेय दोगुना: चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के दबाव और आलोचना के बीच बीएलओ की सैलरी दोगुनी करने का ऐलान किया है (खबर संख्या 5)। यह फैसला सीधे तौर पर पिछले दिनों हुए बीएलओ की आत्महत्या/मौत के मुद्दे पर उठ रहे दबाव को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
    • आलोचनात्मक दृष्टिकोण: बीएलओ की मौत के बाद मानदेय बढ़ाना, नुकसान की भरपाई या विरोध को शांत करने की कोशिश हो सकती है, न कि कार्य की प्रकृति में सुधार।
  • टीएमसी बनाम चुनाव आयोग: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को DGP- पुलिस कमिश्नर के माध्यम से लेटर लिखकर कहा है कि बीएलओ को धमकियों से बचाया जाए, जो टीएमसी के आरोपों (चुनाव आयोग के हाथ खून से सने हैं) के बाद बढ़ी राजनीतिक तनातनी को दर्शाता है।
  • मतदाता सूची की जांच: सरकार ने 2003 की मतदाता सूची से गायब परिवारों के नामों पर कानूनी जांच करने की सख़्त प्रक्रिया शुरू की है, जो SIR प्रक्रिया की आक्रामकता को और बढ़ाती है।
  1. अंतर्राष्ट्रीय और सुरक्षा संबंधी मामले
  • जयशंकर का बयान: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी नेतृत्व के पुराने ढांचे के टूटने और चीन के कठोर नियमों के कारण वैश्विक अस्थिरता पर चिंता जताई है। यह बताता है कि भारत पुरानी महाशक्ति प्रतिस्पर्धा के बजाय नई वैश्विक शर्तों के तहत अपनी विदेश नीति का प्रबंधन कर रहा है।
  • ऑपरेशन सिंदूर 2.0: BSF ने पाकिस्तान की 118 पोस्ट तबाह करने और 72 टेरर लॉन्चपैड को बॉर्डर से शिफ्ट करने का दावा किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘सराहनीय’ बताया। यह खबर सीमा पर बढ़े हुए सैन्य तनाव और कार्रवाई को इंगित करती है।
  • पुतिन का भारत दौरा: पुतिन की यात्रा से पहले रूसी संसद द्वारा भारत के साथ सैन्य समझौते को मंजूरी दिए जाने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी को रेखांकित करता है।
  1. सामाजिक-धार्मिक बयान और कानूनी मामले
  • मौलाना मदनी का बयान: मौलाना मदनी का “जब-जब जुल्म होगा…जिहाद भी होगा” बयान अत्यधिक विवादास्पद है। भाजपा (पात्रा) ने इसे ‘भड़काऊ और बांटने वाला’ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है। यह बयान ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है।
  • अयोध्या और पटेल: अयोध्या में रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या 4 दिन में पौने पांच लाख पहुंच गई है, जो धार्मिक पर्यटन में तीव्र वृद्धि दर्शाती है। वहीं, नड्डा का पटेल और नेहरू पर बयान इतिहास को वर्तमान राजनीतिक विमर्श में खींचने की निरंतर कोशिश है।
  • CJI का ध्यान: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने ज्यूडिशियरी के सामने असली चुनौती जिला स्तर (District Level) पर बताई है, जहां 70% मामले तय होते हैं। उन्होंने आम लोगों के मामलों को तरजीह देने और मध्यस्थता को मजबूत करने पर जोर दिया है।

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