हरदोई……….मानसून की सुुस्त डगर से किसानों को सूखे का डर सताने लगा है। जुलाई में अभी तक महज 13 मिलीमीटर बारिश ने किसानों के चेहरों पर चिंता के भाव ला दिए हैं।बारिश नहीं होने से खेेतों में जोताई के लिए पर्याप्त नमी नहीं है। इसके चलते खरीफ की फसलें प्रभावित होने के साथ ही धान की रोपाई पिछड़ने के आसार बन रहे हैं।बारिश नहीं होने से नहरों में पानी का फ्लो कम है। वहीं जलस्तर कम होने के चलते नलकूपों से भी भरपूर पानी नहीं आ रहा है। सैकड़ों निजी बोरिंग काम नहीं कर रही हैं।
ऐसे में सब्जियों के साथ गन्ने की फसलों की सिंचाई के लिए दिक्कतें हो रही हैं। झमाझम बारिश होने का ख्वाब देख रहे किसानों को निराशा ही हाथ लग रही है।
बावन क्षेत्र के किसान राकेश तिवारी, सांडी क्षेत्र के किसान छोटे, संडीला क्षेत्र के आमिर आदि ने बताया कि बारिश न होने से खरीफ फसलें प्रभावित हो रही हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत धान की फसल को लेकर है। पिछले साल जुलाई के पहले पखवाड़े में 80 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस साल अभी तक महज 13 मिलीमीटर बारिश हुई है।
तापमान में झुलस गए किसानों के अरमान


बारिश न होने कारण सब्जियों के उत्पादन में कमी के साथ किसानों के अब कमाई के अरमान झुलसने लगे हैं। तापमान का स्तर 38 डिग्री के आसपास चल रहा है। पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी बन रहा है। हरी खाद के लिए भी ढैंचा आदि की बुआई प्रभावित हुई है।

रिपोर्ट पुनीत शुक्ला

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