बाराबंकी, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में राजस्व कार्यों, कर-करेत्तर एवं प्रवर्तन कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार राजस्व वसूली की प्रगति, प्रवर्तन कार्यों की स्थिति तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के संबंध में विस्तृत समीक्षा की।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कर वसूली एवं प्रवर्तन से जुड़े समस्त कार्य लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं। राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी तहसीलों में लंबित वादों की गहन समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर वादों के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी उपजिलाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हुए अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, अवैध खनन, खाद्य सुरक्षा, गन्ना तौल केंद्रों, धान क्रय केंद्रों तथा नहरों में कराई जा रही सिल्ट सफाई से संबंधित कार्यों में प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से वैध रूप से संचालित अस्पतालों की सूची प्राप्त कर संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों के साथ अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के विरुद्ध सीलिंग की कार्यवाही प्रभावी ढंग से की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग के प्रवर्तन कार्यो की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रायः यह देखने मे आता है कि परिवहन की अनुबंधित बसें बिना स्टॉप के चौराहों पर सवारियों को बैठाने के लिए रुक जाती है जिससे जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है इसके सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही करते हुए ऐसे चालको व परिचालकों पर जुर्माने की वसूली की जाए।

कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली में लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत से कम प्राप्ति वाले विभागों को पत्राचार के निर्देश
कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खनिज, परिवहन, आबकारी, विद्युत, राजस्व विभाग, तहसीलों, बैंकों एवं नगर निकायों से संबंधित देयकों की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापार-कर, मार्ग-कर एवं अन्य देयकों की वसूली को प्राथमिकता दी जाए तथा सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों के बड़े बकायेदारों से राजस्व वसूली सुनिश्चित करें।
लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत से कम प्राप्ति वाले विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्राचार करने के निर्देश दिए गए।
पुराने राजस्व वादों का मिशन मोड में निस्तारण
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि धारा 24 के मामलों के निस्तारण में विशेष तेजी लाई जाए। 3 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित मुकदमों को मिशन मोड में निस्तारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 24 के वाद किसी भी स्थिति में एक वर्ष से अधिक समय तक लंबित न रहें।
साथ ही धारा 34, धारा 38, धारा 67, धारा 80 एवं धारा 116 से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्वामित्व के कार्य में तेजी लाने, खतौनी में अंश निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए।उत्तराधिकार, रियल-टाइम खतौनी एवं ई-परवाना से संबंधित मामलों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी एसडीएम अपने जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का करें गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लें तथा प्रत्येक प्रकरण का तथ्यों के आधार पर परीक्षण करते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ हर जरूरतमंद व्यक्ति की यथासंभव सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को वास्तविक एवं त्वरित राहत मिल सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम रामनगर सुश्री गुंजिता अग्रवाल सहित समस्त तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
