शिक्षकों को बिना प्रधानाध्यापक का वेतन दिए इंचार्ज के पद पर काम करने का दबाव बना रहे है ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी बाराबंकी, उनके कार्यालय के पत्र के अनुसार जो भी सहायक अध्यापक वर्तमान में इंचार्ज प्रधानाध्यापक का कार्य कर रहे है उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि बिना प्रधानाध्यापक के वेतन की मांग किए कार्य करते रहेंगे। और भविष्य में कभी भी समान वेतन की मांग नहीं करेंगे। अधिकारी शिक्षकों के दमन का कोई भी अवसर चूकना नहीं चाहते एक दशक से अधिक का समय हो गया है कि शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हुआ है, जो शिक्षक कई वर्षों से इंचार्ज प्रधानाध्यापक का काम देख रहे हैं और उनको उम्मीद थी कि शायद प्रमोशन हो जाए लेकिन प्रमोशन तो नहीं हुआ बल्कि उच्च न्यायालय के आदेश को आधार बनाकर दमनकारी आदेश ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी बाराबंकी नवीन कुमार पाठक का उस समय आ गया, जब नए साल पर शिक्षक कुछ अच्छे की उम्मीद लगाए बैठे थे। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने कई बार शिक्षकों की समस्याएं उठाई लेकिन अधिकारों का प्रयोग करके हर बार की तरह अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डालना ही उचित समझा। शिक्षकों में डर का माहौल बना कर लगातार ज़बरदस्ती काम कराए जा रहे हैं , ऐसे में शिक्षक मानसिक रूप से परेशान है। अगर कोई शिक्षक प्रधानाध्यापक का काम कर रहा है तब उसे समान वेतन देने में अधिकारियों को क्या समस्या है। अगर शिक्षकों पर लगातार अनुचित दबाव बनाया जाता हैं तो निःशुल्क शिक्षा के अधिकार अधिनियम का घोर उल्लंघन होगा क्योंकि विभाग शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा सारे काम करवा रहा है समाज में शिक्षकों की छवि धूमिल करने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहता।
मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या
तेज बहादुर शर्मा।

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