केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का उद्घाटननो हेलमेट नो पेट्रोल को प्रभावी ढंग से लागू कराएंजनचेतना, जागरूकता, यातायात नियमों की जानकारी से सड़क दुर्घटनाओं में लाई जा सकती है कमी

रिपोर्ट मनीष कांत शर्मा

बदायूँ : 01 जनवरी। बीमारियों से ज्यादा मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती हैं। इसी के दृष्टिगत 01 से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा। सड़क सुरक्षा माह का विधिवत उद्घाटन कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने किया वहीं उन्होंने सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलवाई व जागरुकता प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जनचेतना, जागरूकता, यातायात नियमों की जानकारी व उसका अनुपालन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास व सबका विश्वास पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना रोकना हम सबका दायित्व है व सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।उन्होंने अधिकारियों को नो हेलमेट नो पेट्रोल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कहा। कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु से मृतक का पूरा परिवार प्रभावित होता है।

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से हुई कुल मृत्यु में 18 से 34 वर्ष तक के युवाओं की 66 प्रतिशत मृत्यु होने पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प मोदी जी ने लिया है सभी को इसमें योगदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी जी कहते हैं कि जब इस देश का व्यक्ति एक कदम चलता है तो पूरा देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ता है।उन्होंने कहा कि हमें आज संकल्प लेकर जाना चाहिए कि हम सभी मिलकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाएंगे व इसके प्रति जागरूकता उत्पन्न करेंगे। कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों, उद्यमियों, व्यापारियों व अन्य लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई तथा कलेक्ट्रेट परिसर से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के दृष्टिगत संचालित किया जा रहे प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।सदर विधायक महेश चंद गुप्ता ने कहा कि भारत एक दिन विश्व गुरु बनेगा, उन्होंने कहा कि अच्छा सोचो तो अच्छा होगा आज नहीं तो कल होगा। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी को ईमानदारी से प्रयास करने होंगे।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अम्बरीश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में देश में प्रतिवर्ष औसतन पौने दो लाख व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है तथा प्रदेश में औसतन साढे 24 हजार व्यक्तियों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती है। उन्होंने बताया कि देश के 100 जनपदों को सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जीरो फैटीलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफपी) में के रूप में चिन्हित किया गया है इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों को चिन्हित किया गया है जिसमें जनपद बदायूं भी शामिल है और 18वें स्थान पर है। यह वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के आधार पर बनाया गया है और सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा रोड सेफ्टी एक्शन प्लान भी बनाया गया है।उन्होंने बताया कि राहवीर योजना में गोल्डेन आवर में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निकटतम अस्पताल तक ले जाने वाले नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में उत्तरोत्तर वृद्धि की गई है अब इसके अंतर्गत 25000 रुपए दिए जाएंगे व उसे सम्मानित भी किया जाएगा।लोक निर्माण विभाग के अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग के वर्ष 2025 के 22 ब्लैक स्पॉट थे जिनमें से 09 में कार्य करा दिया गया है 13 का अनुमोदन शासन स्तर से प्राप्त हो गया है जिस पर जल्द कार्य प्रारंभ किया जाएगा।उन्होंने बताया कि जनपद में चार क्रिटिकल कॉरिडोर है जिनमें बदायूँ-बिजनौर मार्ग, बदायूँ-मेरठ मार्ग, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद व राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के 21 थानों में से 11 थाने सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से क्रिटिकल थानों की श्रेणी में आते हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी अवनीश राय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शारदेंदु पाठक, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित अन्य अधिकारी, उद्यमी, व्यापारी व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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