उर्स हाफ़िज़ बाबा
मदनपुरा बनारस में ख़लीफ-ए- महबूब हज़रत हाफ़िज़ शाह मुहम्मद याक़ूब रहमतुल्लाह अलैह का सद साला(100 वाँ) उर्स 9/10/रजब मंगल/बुध को बड़ी अक़ीदत व एहतेराम के साथ मनाया गया। 9/रजब को बाद नमाज़े इशा बंगलूरू से आए मीलाद ख्वां हज़रात ने नात व मनक़बत के अशआर पेश किए।11बजे रात को मज़ारे अतहर पर सन्दल पेश किया गया। 10/रजब को फजर बाद क़ुरआन ख्वानी हुई 11/बजे मीलाद शरीफ के बाद बंगलूरू से आए हज़रत मौलाना अब्दुल मुग़नी क़ादरी कामिली मिस्बाही की तक़रीर हुई ।
तक़रीर के बीच में किताब सीरत-ए-ख़लीफ-ए-महबूब का रस्म-ए-इजरा साहिबे सज्जादा हज़रत हाजी शम्सुर्रहमान साहब क़ादरी कामिली के हाथों किया गया। 1/बजे दिन में कुल शरीफ व फातेहा के बाद दावते तआम का एहतेमाम किया गया। मग़रिब बाद चादर व गागर और इशा बाद बंगलूरू से आए मीलाद ख्वां हज़रात ने बड़ी ही उमदा अंदाज़ में नात व मनक़बत के अशआर पेश किए । उर्स में शिरकत करने वालों में हज़रत हाजी शम्सुर्रहमान साहब क़ादरी कामिली, मुहम्मद शमीम शाह क़ादरी कामिली, मुहम्मद अज़हर क़ादरी कामिली ,अब्दुल्ला खुर्शीद अकरम क़ादरी कामिली, मुहम्मद अनस ,
हाफ़िज़ अन्दलीब, मुहम्मद आसिफ, जावेद,सफीउर्रहमान क़ारी मुश्ताक़ वग़ैरह के अलावा बजरडीहा मदनपुरा लोहता, कोटवां ,बैन्गलूर, जाम नगर, अहमद आबाद के बहुत से मुरीदीन व मोतक़दीन ने हिस्सा लिया ।

