राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट (रजि.)भारत नें बरेली नगर निगम स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर मालार्पण कर स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई

रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं

बरेली, स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में हुआ था इनका बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था इनके पिता विश्वनाथ दत्त कोलकाता के उच्च न्यायालय में अधिवक्ता थे स्वामी हिंदू सन्यासी और 19वी शताब्दी के संत श्री रामकृष्णा के मुख्य शिष्य थे भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण दर्शन विदेश में स्वामी विवेकानंद जी की वक्तृता के कारण ही पहोचा, भारत में हिंदू धर्म को बढ़ाने में उनकी मुख्य भूमिका रही

राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल ने बताया आज हम स्वामी विवेकानंद जी की जयंती मना रहे हैं स्वामी विवेकानंद हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया स्वामी विवेकानंद विस्तृत रूप से भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा की और ब्रिटिश कालीन भारत में लोगों की परिस्थितियों को जाना उन्हें समझा बाद में यूनाइटेड स्टेट की यात्रा जहां उन्होंने 1983 में विश्व धर्म सम्मेलन में भारतीय हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया जहां पर सब ने अपनी-अपने धर्म की व्याख्या की स्वामी विवेकानंद ने भारत की ओर से अपनी बात में कहां पर मैं उसे धर्म को मानने वाला हूं जहां तुलसी के पौधे को भी हम तुलसी मां कहते हैं जहां एक वानर को हम हनुमान कहते हैं जहां एक हाथी को हम गणेश के रूप से मैं पूछते हैं महा सद्भावना हर जीव जंतु प्राणी में देखी जाती है

स्वामी विवेकानंद युवाओं के अंदर सनातन धर्म की आस्था जागी इसलिए स्वामी विवेकानंद की जयंती एक युवा जयंती के रूप में भी मनाई जाती है स्वामी विवेकानंद जयंती में राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन निहालानी, राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल, संरक्षक भारतेंदु सिंह, सदस्य रामकिशोर, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सुरेश चंद्र रस्तोगी, आर्यन सिंह, दामोदर सिंह, कमल कुमार, गिरिराज सिंह चौहान, अकरम खान, हजारीलाल, आदि लोग मौजूद रहे।

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