
68 वाँ ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स कॉन्फ्रेंस का तृतीय दिवस अधिवेशन के समापन समारोह हुआ संपन्न।
वाराणसी।। 12 जनवरी।। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित 68 वाँ ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स कॉन्फ्रेंस का तृतीय दिवस अधिवेशन के समापन समारोह से संपन्न हुआं। मुख्य अतिथि मेयर वाराणसी श्री अशोक कुमार तिवारी, कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी, रजिस्ट्रार प्रोफेसर सुनीता पाण्डेय, जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर विकास शर्मा एवं लोकल सेक्रेटरी प्रोफेसर निशा सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन एवं महापुरुषों का माल्यार्पण कर समापन समारोह का शुभारंभ किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार तिवारी का स्वागत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी द्वारा बुके एवं अंगवस्त्रम देकर किया गया। माननीय कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी का स्वागत डॉक्टर रीना चटर्जी ने किया। मंचस्थ विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार सुनीता पाण्डेय का स्वागत डॉक्टर नीरज धनकड़ ने किया। इसी क्रम में जेनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर विकास शर्मा का स्वागत लोकल सेक्रेटरी प्रोफेसर निशा सिंह, डॉक्टर आरती विश्वकर्मा और डॉ0 किरन सिंह ने किया। विश्वविद्यालय के छात्राओं द्वारा कुलगीत की प्रस्तुति एवं डॉ0 धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा वैदिक मंगलाचरण की प्रस्तुति से समापन समारोह प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मेयर वाराणसी श्री अशोक तिवारी ने बनारस की खूबियों को आगंतुक सभी प्रोफेसरों को बताया एवं बनारस के भाव को समझने पर बल दिया। उन्होंने मुख्य आयोजक प्रोफेसर निशा सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बुद्धिजीवियों का अधिवेशन कराना सामान्य व्यक्ति का काम नहीं है। श्री तिवारी ने यह बताया कि यह उनका सौभाग्य है कि जिस विश्वविद्यालय के वे छात्र हैं, उसी विश्वविद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में आना उनके लिए गौरव की बात है और इस प्राप्त गौरव का श्रेय प्रोफेसर निशा सिंह को जाता है जिन्होंने मुझे इस समापन समारोह का मुख्य अतिथि बनाया। श्री तिवारी ने बनारस के हिंदी कवियों के कविताओं को भी अंग्रेजी साहित्य में पढ़ाने की बात कही और भाषा की सहजता एवं मौलिकता पर बल दिया। समापन सत्र के अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में परोक्ष रूप से आज विश्विद्यालय युवाओं के प्रेरणास्रोत विवेकानंद जी एवं विश्वविद्यालय के माननीय भगवान दास जी की जयंती इस राष्ट्रीय अधिवेशन में मना रहा है। मुख्य अतिथि के संभाषण का सार बताते हुए उन्होंने बनारस के मिजाज एवं स्वछंदता पर भी अपने व्यक्तव्य दिए और कहा कि वाराणसी के मेयर श्री तिवारी जी इसके ज्वलंत उदाहरण हैं। इस अधिवेशन में आए प्रोफेसरों का उन्होंने स्वागत अभिभाषण किया और ऐसे राष्ट्रीय अधिवेशन को विश्वविद्यालय स्तर पर सुचारू रूप से कराते रहने की बात कही। इसके बाद त्रिदिवसीय अधिवेशन में सायं कालीन प्रस्तुत कुमार विमलेंदु सिंह द्वारा निर्देशित अंग्रेजी नाटक वेटिंग फॉर गोदो के कलाकारों को सम्मानित किया गया। सम्मान के इस क्रम में चेयरमैन के पद पर प्रोफेसर सुभाष चंद्र गौतम, वाइस चेयरमैन के पद पर प्रोफेसर मिथिलेश कुमार पाण्डेय एवं डॉ0 उर्मिला डाबीर, जेनरल सेक्रेटरी के पद पर प्रोफेसर विकास शर्मा, ट्रेज़रर के पद पर प्रोफेसर भावेश चंद्र पाण्डेय, ज्वाइंट ट्रेज़रर के पद पर निर्विरोध प्रोफेसर प्रमोद कुमार सिंह, चीफ एडिटर प्रोफेसर नीरज कुमार, को एडिटर डॉ0 अशोक सचदेवा को सम्मानित विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किया गया। वहीं उसी समय एक्जीक्यूटिव मेंबर्स की नामों की भी सम्मान हेतु घोषणा हुई। ईस्ट जोन में डॉ0 मीता, डॉ0 लक्ष्मण यादव, डॉ0 निखिलेश धर, प्रो0 मधुर कुमार, वेस्ट जोन से डॉ0 सुदेश, डॉ0 सतीश, नॉर्थ जोन में प्रो0 जे एस झा, प्रो0 पूनम द्विवेदी, प्रोफेसर राजेश कुमार मिश्र, डॉ0 रामप्रवेश सिंह, साउथ जोन से डॉक्टर के विजय भास्कर, डॉ0 ख्वाजा मोइनुद्दीन, डॉ0 अलापति पी राव तथा सेंटल जोन से डॉ0 कलिकिंकर पटनायक, प्रोफेसर राजेश कुमार लिडिया, प्रोफेसर मेरी मोहंती एवं प्रोफेसर रूपेश चतुर्वेदी को भी कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह से पूर्व चुनाव अधिकारी प्रोफेसर निशा सिंह ने विजयी प्रत्याशियों को शपथ ग्रहण कराकर मंचस्थ किया। मंच व्यवस्था के सहायक के रूप में समापन समारोह संपन्न कराने में डॉक्टर किरन सिंह, डॉक्टर आरती, डॉक्टर ऊर्जस्विता, डॉ0 धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, डॉक्टर रणविजय सिंह, डॉक्टर करण जैसल, आकाश सिंह, शुभम सिंह, अविहर्षा सिंह, प्रज्ञा अग्रवाल, आराधना सिंह, अनूप दूबे, बसंत सिंह आदि की अहम भूमिका रही। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहायक सभी लोगों को मंच से सम्मानित किया गया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर विकास शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन में सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह कहा कि हमारे अधिवेशन के पदाधिकारियों को यह अधिवेशन विद्यापीठ के प्रोफेसर निशा सिंह को सौंपने में एक मन में डर था, पर प्रोफेसर निशा की कर्तव्यनिष्ठता और कुशल नेतृत्व से यह राष्ट्रीय अधिवेशन बेमिसाल हुआ और इस अधिवेशन में पिछले सभी अधिवेशन से अधिक लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर निशा एक शिक्षक ही नहीं बल्कि कुशल प्रशासक भी हैं जिन्होंने इस अधिवेशन का भार लोकल सेक्रेटरी के रूप में अपने कंधों पर लिया और यह कर दिखाया जिसकी कोई उम्मीद नहीं कर सकता। इस समापन समारोह में मंच संचालन का कार्य आराधना सिंह भृगुवंशी द्वारा किया गया। सम्मान के क्रम में प्रोफेसर नलिनी श्याम कामिल, डॉक्टर नीरज सोनकर, डॉक्टर रणवीर सिंह, डॉक्टर करण जैसल, डॉक्टर अनामिका सिंह, प्रज्ञा अग्रवाल, शुभम सिंह, आकांक्षा सिंघम, डॉक्टर धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, आकाश सिंह, वसंत सिंह, प्रियोदीप हलधर, डॉक्टर पीयूष चौबे, श्रेया सिंह, चयनिका पटेल, सत्या दीक्षित, आकांक्षा सिंह, संस्कृति, आकृति, अनूप दूबे, डॉक्टर अभिषेक दूबे, अविहर्षा सिंह, राजा सिंह, आराधना सिंह भृगुवंशी, समीर भट्टाचार्या, रिशु मिश्रा आदि सहयोगियों को भी कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान से हुआ और बाद में लोगों द्वारा हर हर महादेव के जयघोष ने समापन समारोह को पूर्ण किया।
