गोण्डा । राज्य सरकार सुरक्षित प्रसव व पीएचसी की सुविधा में बढ़ोतरी का दावा कर रही है, लेकिन जिले के बिशुनपुर बैरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिलाओं का प्रसव नहीं हो पा रहा है।
यहां स्टाफ की कमी बताकर सिर्फ बेबसी जताई जा रही है कि जिनकी ड्यूटी है, उनकी ड्यूटी टीकाकरण में लगा दिया जाता है, कोई महिला डॉक्टर या पुरुष डॉक्टर की तैनाती नहीं है । रात के समय गर्भवती महिला को इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कौन अंटेड करेगा, जब दिन में देखने वाला कोई नहीं है ? जबकि आदर्श पीएचसी के नाम पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ही खिल्ली उड़ा रहा है। इस पीएचसी पर सुविधाएं है व लाखों रुपये का भवन तैयार है। लेकिन पीएचसी के पास डिलीवरी का रिकार्ड न के बराबर उपलब्ध है। इस पूरे मामले में सीएमएचओ की जीरो मॉनिटरिंग सामने आ रही है। पीएचसी पर आने वाले गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरी कृपाल सुभागपुर भेज दिया जाता है। जबकि यहां से नजदीकी डिलीवरी सेंटर जिला महिला चिकित्सालय गोंडा है। जिला महिला चिकित्सालय की दूरी इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 8 किलोमीटर की पड़ती है,जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़री कृपाल की दूरी 11 किलोमीटर है । सूत्रों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डिलीवरी होने के बाद महिला को 48 घंटे भर्ती नहीं रखा जाता है । आदर्श पीएचसी की मॉनिटरिंग नहीं होने से राज्य सरकार की शिशु व गर्भवती महिलाओं की योजनाओं को ठेंगा दिखाया जा रहा है।

बताते चले की 13 जनवरी मंगलवार को सालपुर सेमरा की एक गर्भवती महिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिशुनपुर बैरिया पर डिलीवरी कराने के लिए गई थी, वहां पहुंचने के बाद पता चला कि यहां कोई महिला स्टाफ है ही नहीं और ना ही कोई डॉक्टर की तैनाती है। यहां की एनम टीकाकरण का कार्य करने के लिए गई है,एवं सी एच ओ छुट्टी पर गई है । केवल फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन के बल पर पूरा अस्पताल चल रहा है । संबंधित आशा द्वारा इसकी सूचना आशा संगनी के साथ बीपीसीएम उक्त महिला का कोई रेफर बनाने को तैयार नहीं था। हमारे संवाददाता को जब इसकी जानकारी हुई तब उनके द्वारा संबंधित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पंडरी कृपाल से संपर्क किया गया जिनके द्वारा यह जानकारी दी गई की अभी हम नए हैं पूरी जानकारी हमें नहीं है कि किस-किस की तैनाती वहां पर है । अभी हम इसे दिखवाते हैं हमारे संवाददाता द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोंडा से दूरभाष पर संपर्क करके सारी जानकारी दी उनके हस्तक्षेप करने के बाद उक्त गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरी कृपाल के लिए रेफर किया गया । सवाल यह उठता है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिशुनपुर बैरिया में यदि इसी प्रकार की अवस्था बनी रही तो क्षेत्रीय लोगों का इस स्वास्थ्य केंद्र से विश्वास उठ जाएगा । सरकार के द्वारा किए जा रहे दावे कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। यह इस क्षेत्र वासियों के लिए सपना नजर आ रहा है । इन सरकारी अस्पतालों में हालांकि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा मामले में विभागीय मॉनिटरिंग जीरो नजर आ रही है।

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