अनिल यादव मवई अयोध्या एमडी न्यूज चैनल

मवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत रसूलपुर(कुशहरी)गांव में सात दिवसीय कथा आयोजन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ो भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।भागवत कथा के अंतिम दिन, हवन-पूजन और आरती के बाद भंडारा का आयोजन हुआ। कथावाचक सरिता यादव ने बताया कि भागवत कथा के बाद भंडारे का आयोजन एक सामान्य और शुभ परंपरा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं, हवन-पूजन होता है और यह आयोजन सामाजिक सद्भाव व धार्मिक एकता को मजबूत करता है।यह कथा के समापन के बाद किया जाता है और अन्नदान व सेवा के महत्व पर जोर देता है।दूर-दराज से आए श्रद्धालु, ग्रामीण और समाज के सभी वर्गों के लोग इसमें हिस्सा लेते हैं।इसे सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, और अन्नदान को सबसे बड़ा दान कहा जाता है।कथा के अंतिम दिन विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इसके उपरांत भंडारे का शुभारंभ हुआ।

सुबह से ही आयोजन स्थल पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी।भंडारे में श्रद्धालुओं को पंगत में बैठाकर भोजन कराया गया। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।भागवत कथा के बाद भंडारा एक लोकप्रिय धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम है जो भक्ति, सेवा और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम आयोजक शिव गोविंद यादव ने बताया कि या अनुष्ठान पिछले कई सालों से लगातार होता चलाया है।भंडारा कराने से आध्यात्मिक लाभ और सामाजिक लाभ मिलते हैं, जिससे धार्मिक कार्यों में सफलता और जीवन में सुख-समृद्धि आती है, खासकर अन्न दान को सबसे महत्वपूर्ण दान माना गया है, जो जीवन के कष्ट दूर करता है।
भंडारे को सफल बनाने में दिलीप यादव,रामतीरथ वर्मा,प्रभात श्रीवास्तव,दयाशंकर,नंदकिशोर,,परसू यादव,नैतिक,मनीषा,रोहिणी,देवांशी,तनु,सहित सैकड़ों भक्तों ने सक्रिय योगदान दिया।

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