
पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ:अंजू प्रजापति(सदस्य)राज्य महिला आयोग।बाराबंकी। व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इस रूप में पत्रकारों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। यद्यपि संविधान में पत्रकार के लिए अनेक विशेष प्राविधान हैं, जैसे सूचना संग्रह, विश्लेषण और बोलकर लिखकर अभिव्यक्ति का अधिकार। उक्त विचार मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने बाराबंकी के तहसील फतेहपुर स्थित ग्राम लिलौली में राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन एवं तहरी भोज समारोह में व्यक्त किये। श्रीमती प्रजापति के कमलों से उत्कृष्ट कार्य करने हेतु दो दर्जन ग्रामीण पत्रकारों को डायरी कैलेंडर अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र आदि प्रदान कर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता करते हुई राज दुलारी पटेल जिला अध्यक्ष महिला विंग ने कहा कि पत्रकारों द्वारा जान जोखिम में डालकर समाचारों की कवरेज करते हैं सच उजागर करते हैं, जिससे कई बार देश समाज और प्रशासन के जिम्मेदार भी रंजिश मान बैठते हैं। अतः पत्रकार सुरक्षा व पत्रकार स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु विषय प्राविधान करने की आवश्यकता है। संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सारंग ने प्रदेश में महिला पत्रकारों की सूची बनवाने एवं जागरूकता सम्मेलन आयोजन का प्रस्ताव राज्य महिला आयोग को दिया गया। विशिष्ट अतिथि राम प्रकाश श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासंघ ने कहा कि आजादी के पहले से आज तक पत्रकारिता की जो भूमिका रही है वो तमाम झंझावातों के बावजूद महत्ता में कोई कमी नहीं है। इस अवसर पर संगठन के मंडल अध्यक्ष अनिल यादव ने समाज और विशेषकर पुलिस से अपेक्षा जताई कि पत्रकारों का विषेष सम्मान करें ताकि अपने कर्तव्य पालन में पीछे न रहें। जिलाध्यक्ष पीयूष वर्मा ने सभी का माला फूल व अंगवस्त्र से स्वागत किया। सम्मेलन में नवीन जायसवाल जिला उपाध्यक्ष ;दिनेश कुमार वर्मा, सदानन्द वर्मा, जितेंद्र कुमार, बलवंत कुमार, अंजनी कुमार, लवकुश कुमार, वीरेंद्र कुमार, विशेष रूप से उपस्थित रहे।मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या तेज बहादुर शर्मा।
