क्षत्रिय धर्म संसद काशी की कोर ग्रुप बैठक सम्पन्न।

यूजीसी द्वारा लाए गए विधेयक की कड़ी भर्त्सना।

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, तत्काल वापस लेने की मांग
काशी।

वाराणसी क्षत्रिय धर्म संसद काशी की कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें यूजीसी द्वारा लाए गए वर्तमान विधेयक पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि यह विधेयक सवालों के घेरे में है तथा यह छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
कोर ग्रुप ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह विधेयक बिना आम राय, बिना व्यापक विमर्श और बिना संबंधित पक्षों — छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों व सामाजिक संगठनों — की सहमति के लाया गया है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक प्रक्रिया को दर्शाता है।
बैठक में यूजीसी के इस कदम की कड़ी भर्त्सना करते हुए यह मांग की गई कि उक्त विधेयक को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि विधेयक को जनहित में आम राय, सार्वजनिक परामर्श और विशेषज्ञों की सलाह से संशोधित कर पुनः प्रस्तुत किया जाए, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।
क्षत्रिय धर्म संसद काशी ने चेतावनी दी कि यदि इस जनविरोधी विधेयक को बिना संशोधन लागू करने का प्रयास किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन, ज्ञापन और अन्य संवैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
संगठन ने दो टूक कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य पर किसी भी प्रकार का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। इस अवसर पर रणविजय सिंह, डॉ रमेश प्रताप सिंह ,संजीव कुमार सिंह, दृग्बिंदु मणि सिंह, ठाकुर कुश प्रताप सिंह, डॉ संजय सिंह गौतम ,अरुण कुमार सिंह, राम विजय सिंह, अंबिका सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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