*बिलासपुर तहसील में भाकियू (भानू) का जोरदार प्रदर्शन, किसानों की समस्याओं को लेकर छह सूत्री ज्ञापन सौंपा* एमडी न्यूज़ बहुआयामी समाचार न्यूज़ चैनल सहायक ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्टरामपुर आज दिनांक 29 जनवरी 2026 को भारतीय किसान यूनियन (भानू) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रामपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में एकत्र हुए। यहां किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विचार-विमर्श के बाद जिलाधिकारी के नाम छह सूत्री ज्ञापन लेकर किसान नारेबाजी करते हुए जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों की आवाज सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट स्वयं मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि पूर्व में भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस बार भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील में तैनात लेखपाल और कानूनगो खुलेआम किसानों से वसूली कर रहे हैं और बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जा रहा। अधिकारियों की चुप्पी से यह प्रतीत होता है कि सब कुछ उनकी सहमति से हो रहा है। उन्होंने आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र में इनका आतंक है। आए दिन आवारा पशुओं के हमले से लोगों की जान जा रही है और हाईवे पर वाहनों से टकराकर पशुओं की भी मौत हो रही है। किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं, जिससे किसान रात-दिन ठंड में खेतों पर पहरा देने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की कि सभी आवारा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में भेजा जाए। साथ ही आरोप लगाया कि यदि किसान डंडा लेकर पशुओं को भगाता है, तो फर्जी गौरक्षक उसके खिलाफ थाने में कार्रवाई कराने पहुंच जाते हैं। ऐसे फर्जी गौरक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।जिला अध्यक्ष ने वन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। सिंचाई विभाग पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई के लिए सरकार द्वारा आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया है। मानक के अनुसार सफाई नहीं कराई गई और ठेकेदारों से मिलकर धन का बंदरबांट किया गया। कई नहरों, माइनरों और गूलों पर अवैध कब्जे करा दिए गए हैं। यह की अपार कोसी नहर व लोअर कोसी नहर के लिए रिमोल्डिंग करने के लिए सरकार द्वारा सिंचाई विभाग को 8 करोड रुपए दिए जिससे किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल सके लेकिन विभाग द्वारा मानक अनुसार कार्य नहीं कराया जिसके कारण नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है सरकार के पैसे का दुरुपयोग किया गया है किसानों को आस थी कि नहरों में पानी आने से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे लेकिन विभाग के लापरवाही के कारण पानी नहीं मिला लोअर कोसी नहर की लंबाई लगभग 12 से 15 किलोमीटर है जिसकी सफाई तीन से चार किलोमीटर कराई गई है जबकि विभाग द्वारा कागजों में इस नहर की सफाई पूरी 12 किलोमीटर कागजों में दिखाई गई है और पैसा हड़प लिया गया है किसानों के गनने का भुगतान जिले की सभी चीनी मिलो समय से कराया जाए हाई कोर्ट का आदेश है कि गन्ना किसान ऑन का पैसा गन्ना चीनी मिल पहुंचने के 15 दिन के अंदर होना चाहिए किसान का गन्ने मिल में पहुंचता है लेकिन चीनी मिल सालों साल पैसे दवाई बैठ जाती हैं सभी चीनी मिलों से समय से भुगतान कराया जाएरिलायंस पेट्रोल पंप के पास रामपुर रोड पर प्लाटिंग कराने वालों से मोटी रकम लेकर नहर पाट दी गई। गूल नंबर 9 बिलासपुर को भी इसी तरह पाटे जाने का आरोप लगाया गया। किसानों ने सभी नहरों, माइनरों और गूलों को कब्जा मुक्त कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।इस मौके पर बलजीत सिंह मलकीत सिंह ब्लॉक अध्यक्ष सरदार सतनाम सिंह, जिला महासचिव रईस अहमद, कुलविंदर सिंह, पलविंदर सिंह, जगतार सिंह, मोहम्मद अहमद, प्रधान साबिर, मोहम्मद यामीन, जमील अहमद, मुराद खान, आरिफ अय्यूब इकबाल लियाकत खान, साबिर अली सादिक अहमद, इमरान खान असलम अहमद, सोमपाल मोर्या तरसैम सिंह लखविंदर सिंह हसीब वारसी , गेदल लाल, सब्बू, फरीद, आसिफ, रिजवान अली, मुबारक हसन, अफसर अली, सोनू और कदीर आलम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



