
एम डी न्यूज़ कमलेश शर्मा राजू, अलीगढ़ की रिपोर्ट
अलीगढ़ में राशन लेकर आई मालगाड़ी से बिना ढके बाहर रखे 16 हजार बोरे, बारिश में भीगे
अलीगढ़ में गरीबों के लिए आया सरकारी
राशन लापरवाही की भेंट चढ़ गया। रेल
यार्ड पर पहुंची मालगाड़ी से उतारे गए
करीब 16 हजार गेहूं के बोरे बिना तिरपाल
ढके खुले में रख दिए गए। देर रात हुई
बारिश में ये सभी बोरे भीग गए। इनमें
लगभग 800 टन गेहूं है। जानकारी मिलते
ही एफसीआई अधिकारियों में हड़कंप मच
गया। इसके बाद ठेकेदार ने गीले बोरों को
ही ट्रकों में लदवाकर वेयरहाउस भेजना
शुरू कर दिया।
2,800 टन गेहूं लेकर आई थी 42 रैक की मालगाड़ी
सरकार की ओर से जरूरतमंदों के लिए भेजे गए गेहूं और चावल की खेप शुक्रवार को अलीगढ़ यार्ड पर पहुंची थी। 42 रैक की मालगाड़ी में करीब 56 हजार बोरे थे। एक बोरे का वजन 50 किलो होने के हिसाब से कुल माल करीब 2,800 टन था।
रेल यार्ड से एफसीआई गोदाम तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी निजी ठेकेदार की होती है।
बादल छाए होने के बावजूद खुले में रखे बोरे
शनिवार शाम ठेकेदार की लेबर ने 11 रैक से करीब 16 हजार बोरे बाहर निकालकर खुले में रख दिए। उस समय आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन इसके बावजूद किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। रात में बारिश होते ही सभी बोरे भीग गए। सुबह जब अधिकारियों को जानकारी हुई तो तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया गया।
ट्रकों की व्यवस्था नहीं कर पाया ठेकेदार
एसडब्ल्यूसी वेयरहाउस के मैनेजर ऋषि शर्मा ने बताया कि एक साथ दो रैक पहुंचने के कारण ठेकेदार ट्रकों की व्यवस्था नहीं कर सका। पहले चावल की रैक आई थी और फिर गेहूं की। माल की सुरक्षा पूरी तरह ठेकेदार की जिम्मेदारी थी। हालांकि उनका कहना है कि नुकसान ज्यादा नहीं हुआ है।
एफसीआई ने दिए जांच के आदेश
एफसीआई के मंडलीय प्रबंधक रोशन लाल ने बताया कि गेहूं को सुरक्षित यार्ड से गोदाम तक पहुंचाना ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।
