
एम डी न्यूज़ वेद प्रकाश राजपूत ब्यूरो अयोध्या की रिपोर्ट
रुदौली विकासखंड की ग्राम पंचायत जरायल खुर्द के मजरे पूरे पानई का पुरवा गांव में ग्रामीणों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब का रूप ले चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि स्कूली बच्चे रोज़ाना इसी दूषित पानी से होकर विद्यालय आने-जाने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। गंदे पानी, कीचड़ और बदबू के बीच बच्चों का निकलना किसी हादसे को दावत देने जैसा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते आज तक इसका समाधान नहीं हो सका। जब इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी करुणा शंकर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला। वहीं खंड विकास अधिकारी ने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
मामले में जब ग्राम प्रधान लल्ला कनौजिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले इस मार्ग का पानी पास के एक खेत में निकल जाता था, लेकिन खेत मालिक द्वारा मेडबंदी कर दिए जाने के कारण अब सारा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि जिस खेत में मेडबंदी की गई है, उसी खेत में पहले से घूर गड्ढा मौजूद था, जिसमें वर्षों से रास्ते का पानी जाता रहा है।
सत्रोहन,हरिश्चंद्र, गंगाराम,सुखराम आदि ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते नाली निर्माण, जल निकासी और सड़क मरम्मत का कार्य करा दिया गया होता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न न होती। लगातार अनदेखी के चलते गांव के लोग खुद को प्रशासन के भरोसे बेसहारा महसूस कर रहे हैं। और ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम प्रधान हम लोगो का प्रतिनिधि होकर भी कभी भी इस गांव में नहीं आते हैं
सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी बीमारी या हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर गांव के हालात पर अब सच में संज्ञान लिया जाएगा?
