बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! इस अवसर पर पं प्रश्नय आर्य जय ने यज्ञ कराया । सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने अथर्ववेद के मंत्रों की व्याख्या करते हुए कहा “हमें वह सोचना चाहिए जो हम बनना चाहते हैं क्योंकि हम जो सोचते हैं वैसे ही हो जाते हैं ! हमेशा नकारात्मक विचारों को पालने वाले लोग उन्नति के अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते और असफल रहने पर हमेशा सफल लोगों को कोसते रहते हैं ! दूसरों में बुराइयां देखना जिनका स्वभाव हो जाता है उनका भला परमात्मा भी नहीं कर सकता ! इसलिए मनुष्य को हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए,अच्छा सोचना चाहिए, क्योंकि अच्छा सोचने से हमेशा अच्छा होता है ! समय लगता है लेकिन भविष्य सुखदाई होता है ! इस अवसर पर राकेश आर्य, पंजाब सिंह, श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती धनवती देवी , श्रीमती सरोज देवी तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे !

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