
******चंदौली: जिले के बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेयपुर मार्केट में रविवार को उस समय भारी तनाव उत्पन्न हो गया जब प्रशासन की एक टीम अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क निर्माण परियोजना में बाधक बन रहे अवैध कब्जों को खाली कराने के इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्ण रूप विरोध किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि आक्रोषित ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया। और तीखी बहस शुरू कर दी। ग्रामीणों के कड़े रुख और बढ़ते हंगामे को देखते हुए टीम को अपना अभियान बीच में ही रोककर वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा।विरोध कर रहे ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप प्रशासन की कार्यप्रणाली में भेदभाव को लेकर था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करने के बजाय केवल चुनिंदा लोगों और गरीब तबके को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि जिस भूमि पर कार्रवाई करने प्रशासन पहुंचा था, उसके ठीक सामने एक नाला स्थित है जिस पर स्वयं पीडब्ल्यूडी और कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि मंशा वास्तव में अवैध कब्जे हटाने की है, तो सड़क किनारे और नाले के ऊपर किए गए सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि नाले पर हुए अवैध कब्जों के कारण गांव में जलजमाव की गंभीर समस्या बनी रहती है। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे न केवल आवागमन बाधित होता है बल्कि क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार एक तरफ सरकारी भूमि की सुरक्षा की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर रसूखदारों और प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन मौन साधे रहता है। इसी दोहरी नीति के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अनुपम मिश्रा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन जमीनों को नियमानुसार खाली कराया जा रहा है जहां सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है। एसडीएम ने भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और किसी के साथ भी कोई पक्षपात नहीं किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण एसडीएम के इस बयान से असंतुष्ट नजर आए और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने तक किसी भी तरह की कार्रवाई न होने देने की चेतावनी दी है।
