बरेली के बारादरी थाने के बाहर युवक द्वारा आत्मदाह के प्रयास की घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने कड़ा रुख अपनाते हुए दरोगा समेत सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि एक रिक्रूट सिपाही के चयन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना में फतेहगंज पश्चिमी निवासी अक्षय कुमार ने बारादरी थाने के गेट पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली थी। जांच में सामने आया कि युवक उसी दिन तीन बार थाने पहुंचा था, लेकिन उसकी शिकायत का समुचित संज्ञान नहीं लिया गया। जनशिकायत हेल्प डेस्क पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा को सौंपी गई है। इसके अलावा अवकाश के बाद ड्यूटी पर न लौटने वाले तीन सिपाही, वीआईपी ड्यूटी से गैरहाजिर एक हेड कांस्टेबल, बंदी पेशी से अनुपस्थित कर्मी और ड्यूटी के दौरान शराब सेवन के आरोपी कर्मी पर भी कार्रवाई की गई है।
एसएसपी का साफ संदेश है—फरियादी की अनदेखी और अनुशासनहीनता अब बर्दाश्त नहीं होगी। बारादरी कांड ने पुलिस व्यवस्था को सख्त चेतावनी दे दी है।
रिपोर्टर गौरव कुमार एम डी न्यूज़ बरेली।

