ब्लॉक मवई क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुल्तानपुर के बाबा शिवानन्द मिश्र शिवा जी महाराज ने बताया कि इस वर्ष होली पर चंद्रग्रहण भी रहेगा। इसी वजह से ये भ्रम है कि होली कब जलाएं और रंग कब खेलें। मान्यता है कि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि की रात में ही होना चाहिए।
2 मार्च की सायंकाल में फाल्गुन पूर्णिमा तिथि सायं 5 बजकर 30 मिनट पर आरम्भ हो जाएगी इसी के भद्रा भी आरंभ हो जाएगी जो कि भद्रा की व्याप्ति प्रदोषकाल से लेकर देर रात 5 बजकर 19 मिनट तक होने के कारण होलिका दहन भद्रा पुच्छ में देर रात 1 बजकर 10 मिनट से 2 बजकर 21 मिनट के मध्य में करना शास्त्र सम्मत है चंद्रग्रहण की वजह से होली रंगोत्सव 3 मार्च नहीं, 4 मार्च को खेली जाएगी।
3 मार्च को चंद्रग्रहण होगा,जो भारत में दिखाई देगा।
फाल्गुन शुक्ल पक्ष: पूर्णिमा तिथि मंगलवार सम्वत् 2082 ( तारीख 3 मार्च 2026 ) का चन्द्र ग्रहण (13 अंगुल व 12 व्यंगुल) का खग्रास चन्द्रग्रहण है
बाबा शिवानन्द मिश्र शिवा जी ने बताया कि टोक्यो (जापान) सिडनी (आस्ट्रेलिया) होनोलुलु(अमेरिका) में यह पूरा खग्रास ग्रहण दिखायी देगा परन्तु भारत में यह खण्ड चन्द्रग्रहण ग्रस्तोदित स्वरुप का होगा ( ध्यान दें कि पश्चिमी भारत में जैसे गुजरात में जिन स्थानों पर चन्द्रोदय सायं 6 बज कर 48 मिनट या उसके बाद होगा वहां यह
चन्द्रग्रहण नहीं दिखायी देगा) पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि पर लगने वाला यह खण्ड चन्द्रग्रहण अग्रिमण्डल में लग रहा है! इसके फलस्वरूप नेत्र रोगों का प्रसार अग्रिकाण्ड कि घटनाएं दूध – घी की कमी अर्थ व्यवस्था की कमजोरी चोरी डकैती की घटनाएं वर्षा में कमी एवं भुखमरी होती हैं। सिंह राशि में ग्रहण होने से वनवासी दु:खी राजा और साहुकारों का धन क्षय। मंगलवार को ग्रहण
से अग्निभय राष्ट्रों में युद्ध सूत – कपास महंगे बिकें। फाल्गुन मास में ग्रहण होने से जनता दुखी। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में ग्रहण होने से चने और अन्य दालों के व्यापार से लाभ
राशियों पर इनका प्रभाव:
मेष को चिन्ता।
वृष को व्यथा।
मिथुन को लाभ।
कर्क को हानि।
सिंह को घात।
कन्या को व्यय।
तुला को लाभ।
वृश्चिक को सुख।
धनु को मान – सम्मान में कमी।
मकर को अत्यन्त पीडा़ ।
कुम्भ को स्त्री – कष्ट।
मीन को सौख्य।
ग्रहण लगे हुये चन्द्रमा का काशी में सायं 6 /0 बजे उदय होगा (अन्य स्थानों पर अलग अलग समय में चन्द्रोदय होगा)
सायं 6 बज कर 48 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जायेगा अर्थात मोक्ष हो जायेगा । इस चन्द्रग्रहण का सूतक प्रातः 9/0 बजे से ही प्रारम्भ हो जायेगा।

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