रिपोर्टर आकाश मिश्र
बहुआयामी समाचार

मितौली खीरी, 3 मार्च 2026। भीखमपुर गांव में होली न जलने से लोगों में मायूसी छाई हुई है। जबकि अन्य कई गांवों में दिनांक 2 मार्च की रात को ही होली जल गई है।
पूरा मामला लखीमपुर खीरी जनपद के मितौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत भीखमपुर में होलिका पूजन को आए लोग मायूस होकर वापस लौट गए। ब्राह्मण बाहुल्य गांव में लोगों का कहना है जिम्मेदारों ने होलिका को गड़ाया नहीं तो जले कैसे? 30 वर्षों से जिम्मेदार लोग ना होली रखवाते हैं ना ही जलवाते हैं। इस बार तिथि पर होलिका गड़ाई (स्थापना) ही नहीं कराई गई। बच्चे होली की जगह में उपले डालकर होली जलाते हैं।
जिम्मेदार और प्रशासन की ओर से भीखमपुर में होली मजाक बनकर रह गई। जिम्मेदारों के रुचि न लेने के चलते केवल छोटे बच्चे अपने अपने घरों से उपले लाकर रख देते हैं और आग लगाकर ताप लेते हैं फिर जिम्मेदार आकर पूजन और तापकर चले जाते हैं।
इस बार वो भी नहीं हुआ फुलहरी दूज पर गड़ने वाली होली तिथि पर गड़ाई नहीं गई, केवल बच्चों ने एकदिन पहले कुछ उपले और ईंधन डाल दिया था।
भीखमपुर ग्राम पंचायत में जिम्मेदार की उदासीनता के चलते होली के त्यौहार पर ना तो साफ सफाई हुई और कई नालियां चोक पड़ी हैं और कई नल खराब पड़े हुए हैं। पूर्वजों के अनुसार अंग्रेजों के शासन काल में शहीद राज नारायण मिश्र, भगवान दास जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मभूमि भीखमपुर रहा है। किंतु आज उन्हीं का गांव उपेक्षा का शिकार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *