रामपुर | 17 मार्च, 2026
जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी, रामपुर ने आज मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा मजदूरों के बकाया पारिश्रमिक और ग्राम रोजगार सेवकों के लंबित मानदेय के मुद्दे पर गहरा रोष व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो जनपद में व्यापक जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मुख्य मांगें:
- मनरेगा मजदूरों का पिछले 75 दिनों का बकाया (लगभग ₹2000 करोड़ प्रदेश स्तर पर) तत्काल दिया जाए।
- नियम के विरुद्ध भुगतान में हुई देरी के लिए ‘विलंब मुआवजा’ (Delay Compensation) प्रदान किया जाए।
- 8 महीने से बिना मानदेय काम कर रहे ग्राम रोजगार सेवकों और संविदा कर्मियों का वेतन अविलंब जारी हो।
नेताओं के प्रमुख बयान
निक्कू पंडित जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ‘सबका साथ-साथ’ का नारा देने वाली सरकार गरीबों के पेट पर लात मार रही है। रामपुर समेत पूरे प्रदेश में मनरेगा मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। 15 दिन में भुगतान का कानून होने के बावजूद 75 दिनों से पैसे न देना सरकारी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। हम मजदूरों के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेंगे।”
संजय कपूर (पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता ने कहा की
“सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, लेकिन धरातल पर जो कर्मचारी इस योजना को चला रहे हैं, उन्हें 8 महीने से मानदेय नहीं मिला है। ग्राम रोजगार सेवक और संविदा कर्मी आर्थिक तंगी से टूट चुके हैं। प्रशासन को यह समझ लेना चाहिए कि हम चुप नहीं बैठेंगे। अगर एक हफ्ते में समाधान नहीं हुआ, तो रामपुर की सड़कों पर बड़ा प्रदर्शन होगा।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर अध्यक्ष बाकर अली खां ने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इस अवसर पर कांग्रेस के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, नोमान मुमताज़ ख़ान,दुर्गेश मौर्य, भूरा खां, राजू पाशा , जहांगीर ख़ान, सरदार गुरबाज़ सिंह सिंधु, सुखबन्त सिंह हार्पिन्दर सिंह, राजेश लोधी , ज़की पाशा, सरताज सैफ़ी, शकील मंसूरी, इमरान अली, मोहम्मद ज़ाकिर, अर्जुन सिंह, राम किशोर लोधी , शिशु पाल लोधी , सतीश कुमार, कमल सिंह, भजन लाल , फहीम अहमद, हश्मत अली, आमिर ख़ान, नईम, बहादुर, जयपाल बाल्मीकि, रामु गोस्वामी, मनोज कुमार लोधी, आदि बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।




