बाजना (मथुरा )। जनपद मथुरा के कस्बा बाजना में एक मामला सामने आया है नगर पंचायत बाजना से अप्रूवल के एक साल बाद भी ‘कान्हा धाम’ कॉलोनी में नहीं पहुंची बिजली-पानी नहीं है। कान्हा धाम कालोनी में सुविधाओं का अभाव,सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है यहाँ रहने वाला एकमात्र परिवार। नगर पंचायत बाजना से अनुमोदित (Approved) ‘कान्हा धाम’ आवासीय कॉलोनी में प्रशासन और कॉलोनाइजरों की लापरवाही के चलते विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। कॉलोनी को अप्रूवल मिले एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यहाँ न बिजली है और न ही पानी की व्यवस्था। कागजों पर ‘आधुनिक’ दिखने वाली इस कॉलोनी के निवासी आज भी ‘लालटेन युग’ में जीने को मजबूर हैं।कॉलोनी में वर्तमान में एक परिवार छोटे बच्चों के साथ रह रहा है। निवासी कुमकुम (पत्नी महेश काका) ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया, “पूरी कॉलोनी में हमारा अकेला मकान है। बिजली न होने से रात में घना अंधेरा रहता है। मेरे पति काम से देर रात लौटते हैं, ऐसे में बच्चों के साथ अकेले रहना डरावना और असुरक्षित है। अंधेरे के कारण जंगली जानवरों और असमाजिक तत्वों का भी डर बना रहता है।” सुविधाओं के अभाव के कारण अन्य लोग मकान बनने के बावजूद यहाँ रहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे मूलभूत सुविधाओं के लिए कॉलोनाइजर प्रदीप पाठक, प्रवीन चौधरी और मनोज चौधरी से बात करते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय विवाद का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि तीनों कॉलोनाइजर शिकायत सुनने के बजाय उलझने और लड़ने पर उतारू हो जाते हैं।कॉलोनी अप्रूव्ड होने के बावजूद विकास कार्य क्यों रुके हैं, यह एक बड़ा सवाल है। एक ओर सरकार हर घर बिजली का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर इस कॉलोनी में एक भी बिजली का खंभा तक नहीं लगा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली-पानी की व्यवस्था करने और दोषी कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


