जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता
बाराबंकी। जनपद में किसानों की समस्याओं को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के बैनर तले 22 दिसंबर 2025 से गन्ना संस्थान परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। संगठन के जिला अध्यक्ष विनोद वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 13 अप्रैल 2026 को सैकड़ों किसान पैदल मार्च करते हुए लखनऊ पहुंचेंगे।

बताया गया कि लगातार अनुरोध और धरना-प्रदर्शन के बावजूद जिला प्रशासन ने न तो कोई ठोस पहल की और न ही किसानों से सार्थक वार्ता की। इससे नाराज होकर संगठन के 8 पदाधिकारी 26 मार्च 2026 से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अनशनकारियों में उपाध्यक्ष उस्मान, मंडल उपाध्यक्ष आजाद वर्मा, प्रभारी देवा उमेश वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष फतेहपुर कमल कुमार वर्मा, ब्लॉक प्रभारी सिरौली गौसपुर शिवराज राक्त, ब्लॉक उपाध्यक्ष सिरौली गौसपुर बसंत वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष हरख अर्जुन वर्मा और जिला अध्यक्ष विनोद वर्मा शामिल हैं।
संगठन का दावा है कि अनशन पर बैठे पदाधिकारियों की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन अब भी उदासीन बना हुआ है। इससे किसानों और पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है।
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 9 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और अनशन समाप्त नहीं कराया गया, तो 13 अप्रैल को करीब 500 पदाधिकारी और किसान गन्ना संस्थान से लखनऊ तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च करेंगे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। साथ ही, मांगें पूरी न होने तक जिले में होने वाले सभी चुनावों के बहिष्कार का भी ऐलान किया गया है।
किसानों ने जिन प्रमुख समस्याओं को उठाया है, उनमें धान खरीद में भ्रष्टाचार, खाद की किल्लत, जल जीवन मिशन की अव्यवस्थाएं, ग्राम प्रधानों की संपत्तियों की जांच, निजी स्कूलों की मनमानी, सिंचाई व्यवस्था की बदहाली और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
संगठन ने प्रशासन को चेताते हुए कहा है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो जनाक्रोश बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
