
वेद प्रकाश राजपूत ब्यूरो चीफ अयोध्या एम डी न्यूज़ चैनल की खास रिपोर्ट
अयोध्या जनपद के मवई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही धूमधाम, उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और “जय भीम” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी मास्टर विनोद कुमार रावत द्वारा अपने आवास पर किया गया। इस दौरान विनोद कुमार रावत, शिवप्रसाद रावत, राम सिंह, अमर सिंह, ओमप्रकाश, जगनायण गौतम सहित अन्य गणमान्य लोगों ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण कर बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा रचित संविधान आज देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव है। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. अंबेडकर के प्रसिद्ध विचार — “शिक्षा ओ शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा” — को विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है, इसलिए समाज के हर वर्ग को शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए।
कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हर्षोल्लास का माहौल बना रहा और लोगों ने बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के प्रसार का संदेश दिया। ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता और एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।
