​महराजगंज, 11 मई 2026
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व एवं करेत्तर समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल का कड़ा रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि राजस्व वसूली और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस:

​बैठक में अवैध खनन की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया कि मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर रातों में औचक छापेमारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जाए, क्योंकि पूर्व में मिली शिकायतें कतई स्वीकार्य नहीं हैं।

आईजीआरएस रैंकिंग पर जताई नाराजगी:

​जनपद की आईजीआरएस (IGRS) रैंकिंग 72वें स्थान पर होने पर जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। निस्तारण में देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा:

​जिलाधिकारी ने बैठक में मण्डी समिति, गन्ना भुगतान, एआरटीओ, स्टाम्प और खनन सहित कई बिंदुओं की प्रगति जांची। उन्होंने निर्देश दिए कि:
​राजस्व वाद: 1 से 5 वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारण कर शून्य पर लाया जाए।

​पीएम आवास (शहरी): पीओ डूडा को अधूरे भवनों को जल्द पूर्ण कराने और निर्माण न करने वालों से रिकवरी करने के निर्देश दिए।

​सरकारी भूमि: सभी एसडीएम एक सप्ताह के भीतर सरकारी भूमि का चिन्हांकन कर आख्या प्रस्तुत करें। वाइब्रेंट विलेज वाली ग्राम पंचायतों में इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

​स्वामित्व योजना: स्वामित्व से जुड़े किसी भी प्रकरण को लंबित न रखा जाए।

बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी

​समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिले के समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला पूर्ति अधिकारी और आबकारी अधिकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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