ग्रामीणों द्वारा 6 वर्ष से लगातार प्रशासन से लेकर शासन तक रास्ते को बनवाने को लेकर न्याय की लगाई गुहार

बहुयामी समाचार एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट

मोहम्मदी, खीरी।मोहम्मदी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत साहबगंज ग्रांट के मजरा विकास नगर में रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

गांव के करीब 27 मकानों के लोगों का कहना है कि पिछले छह वर्षों से वह गांव के रास्ते को खाली कराने और आवागमन सुचारु कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021 में उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को शिकायती पत्र दिया था। इसके बाद कई बार शिकायतें की गईं, जिस पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अभिलेखों में रास्ता दर्ज न होने की पुष्टि की। इसके बावजूद आज तक रास्ता खुलवाने की कार्रवाई नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मजबूरी में जंगल के रास्ते से होकर आवागमन करते थे। लेकिन हाल ही में वन विभाग द्वारा जंगल क्षेत्र के चारों ओर गहरी नाली खोद दिए जाने से वह रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया।

इससे गांव के लोगों का बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया है।
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दोबारा एसडीएम, जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी, लेकिन अभी तक किसी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह को भी तीन बार शिकायती पत्र देकर रास्ता खुलवाने की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।

गांव के रामशरण, उमेश, छत्रपाल, विनय कुमार, रामसनेही, कमलेश, हरिराम, रामप्रकाश, राजेश, शिवम कुमार, कुन्नूलाल, रेणु देवी, मीना देवी, तारावती समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द रास्ता खुलवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। रास्ता न होने से गांव में डिलीवरी करने वाली महिलाओं को पैदल जाना पड़ता है एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती ऐसे में बीमा बुजुर्ग इलाज के लिए मैडम के सारे गांव तक पहुंचाते हैं एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती शादी ब्याह बारात के मौसम में भी लोगों के पैदल का सहारा लेना पड़ता है खेतों की मेरा पैर निकालकर गांव तक पहुंचाते हैं इस पर खबर जबरदस्त

रास्ता बंद होने से 27 परिवार परेशान, छह साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे ग्रामीण

ग्रामीणों द्वारा 6 वर्ष से लगातार प्रशासन से लेकर शासन तक रास्ते को बनवाने को लेकर न्याय की लगाई गुहार

बहुयामी समाचार एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट

मोहम्मदी, खीरी।मोहम्मदी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत साहबगंज ग्रांट के मजरा विकास नगर में रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

गांव के करीब 27 मकानों के लोगों का कहना है कि पिछले छह वर्षों से वह गांव के रास्ते को खाली कराने और आवागमन सुचारु कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021 में उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को शिकायती पत्र दिया था। इसके बाद कई बार शिकायतें की गईं, जिस पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अभिलेखों में रास्ता दर्ज न होने की पुष्टि की। इसके बावजूद आज तक रास्ता खुलवाने की कार्रवाई नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मजबूरी में जंगल के रास्ते से होकर आवागमन करते थे। लेकिन हाल ही में वन विभाग द्वारा जंगल क्षेत्र के चारों ओर गहरी नाली खोद दिए जाने से वह रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया।

इससे गांव के लोगों का बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया है।
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दोबारा एसडीएम, जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी, लेकिन अभी तक किसी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह को भी तीन बार शिकायती पत्र देकर रास्ता खुलवाने की मांग की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।

गांव के रामशरण, उमेश, छत्रपाल, विनय कुमार, रामसनेही, कमलेश, हरिराम, रामप्रकाश, राजेश, शिवम कुमार, कुन्नूलाल, रेणु देवी, मीना देवी, तारावती समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द रास्ता खुलवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। रास्ता न होने से गांव में डिलीवरी करने वाली महिलाओं को पैदल जाना पड़ता है एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती ऐसे में बीमा बुजुर्ग इलाज के लिए मैडम के सारे गांव तक पहुंचाते हैं एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती शादी ब्याह बारात के मौसम में भी लोगों के पैदल का सहारा लेना पड़ता है खेतों की मेरा पैर निकालकर गांव तक पहुंचाते हैं इस पर खबर जबरदस्त

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