एचएलएफपीपीटी की PPSA परियोजना के तहत रोगियों को किया गया लाभान्वित

संवाददाता तेज बहादुर शर्मा।
बाराबंकी । राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में अब निजी क्षेत्र में इलाज करा रहे रोगियों को भी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने की प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य स्तर से अनुबंधित संस्था हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट द्वारा संचालित पीपीएसए (रोगी-चिकित्सक सहायता एजेंसी) परियोजना के जरिये वर्ष 2022 से निजी चिकित्सकों के साथ समन्वय स्थापित कर टीबी मरीजों को सरकारी जांच, उपचार सहयोग, फॉलोअप और निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राजीव टंडन के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के तहत बीते वित्तीय वर्ष में जिले के टीबी रोगियों को नोटिफाई कर विभिन्न सरकारी सुविधाओं से जोड़ा गया। एचएलएफपीपीटी परियोजना अधिकारी अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों के परिजनों को भी टीबी निरोधक दवाओं और संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। अधिक से अधिक लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा हैं।
संस्था के फील्ड आफिसर सतीश वर्मा व आदेश विश्वकर्मा ने बताया कि निक्षय पोषण योजना पीपीएसए की टीम इस योजना के तहत मरीजों को बेहतर खान-पान के लिए सरकार की तरफ से ₹1000 महीने की आर्थिक मदद सीधे मरीजों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजना तय कराती है। सिर्फ जांच और पैसा ही नहीं, बल्कि मरीज के पूरे इलाज के दौरान एच एलएफ पीपीटी पीपीएसए के फील्ड ऑफिसर उनके संपर्क में रहकर यह तय करते हैं कि मरीज नियमित रूप से दवाई खा रहा है या नहीं। इलाज के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। इस पहल का उद्देश्य यह तय करना है कि हर टीबी मरीज, चाहे वह किसी भी अस्पताल में हो, उसे सही इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
