स्टांप शुल्क, बाजार मूल्य और संपत्तियों का कराया मिलान, मचा हड़कंप


रिपोर्ट -लता देवी


लखीमपुर खीरी, 20 मई। जिले में बड़े बैनामों और स्टांप शुल्क की जांच को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क मोड में नजर आ रहा है। बुधवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्टांप एवं निबंधन विभाग के अधीन हुए तीन बड़े बैनामों की खुद मौके पर पहुंचकर स्थलीय जांच की। डीएम के अचानक निरीक्षण से हड़कंप मच गया।

डीएम ने उप निबंधक कार्यालय से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा करने के बाद सीधे फील्ड में पहुंचकर महाराज नगर, आवास विकास कॉलोनी और राजगढ़ मोहल्लों में भूखंडों व आवासों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैनामों में दर्शाई गई संपत्तियों की वास्तविक स्थिति, भूमि का स्वरूप, निर्माण की स्थिति और लगाए गए स्टांप शुल्क का मौके पर सत्यापन कराया। कई स्थानों पर डीएम ने नक्शा, अभिलेख और मौके की स्थिति का मिलान कर गहन पड़ताल की।

निरीक्षण के दौरान सहायक निबंधक एवं आयुक्त अमिताभ कुमार सहित राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही। डीएम ने अधिकारियों से बैनामों में दर्ज क्षेत्रफल, सर्किल मूल्य और स्टांप शुल्क के निर्धारण संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। बताते चलें कि प्रशासन की नजर खासतौर पर उन बड़े बैनामों पर है, जिनमें राजस्व क्षति या संपत्ति के कम मूल्यांकन की आशंका रहती है।

डीएम ने एआईजी स्टांप को स्पष्ट निर्देश दिए कि बैनामों की जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से की जाए। यदि कहीं भी स्टांप शुल्क की चोरी, गलत मूल्यांकन अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डीएम के इस एक्शन मोड निरीक्षण से स्टांप एवं निबंधन विभाग में दिनभर हलचल बनी रही। अचानक हुई स्थलीय जांच को लेकर कई लोगों में चर्चा रही कि अब बड़े बैनामों पर प्रशासन की नजर और ज्यादा पैनी हो गई है।

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