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MD News पर पुनीत शुक्ला के साथ हरदोई
हर मां-बाप की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना होता है कि उनका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने, परिवार और समाज का नाम रोशन करे। प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के उमरौली और न्यू मार्केट शिवाला इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर ने भी यही सपना देखा था।बेटे को अच्छे कॉलेज में पढ़ाया, इंजीनियर बनाया, लेकिन उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस बेटे के हाथ में उन्होंने किताबें और लैपटॉप दिया, वही इंटरनेट की अंधेरी दुनिया का “पोर्न मास्टरमाइंड” बन जाएगा।
यह कहानी है विकास सिंह की… एक ऐसे बीटेक इंजीनियर की, जिसने करियर और नौकरी का रास्ता छोड़कर Telegram पर अश्लीलता का ऐसा नेटवर्क खड़ा कर दिया, जिसकी गिरफ्त में हजारों लोग और बड़ी संख्या में नाबालिग छात्र तक पहुंच गए।हरदोई पुलिस ने जब इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया तो साइबर अपराध की दुनिया का ऐसा चेहरा सामने आया जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया।
पुलिस जांच के मुताबिक विकास सिंह ने वर्ष 2019 में प्रयागराज के यूनाइटेड कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी।पढ़ाई खत्म होने के बाद जहां बाकी युवा नौकरी और भविष्य बनाने में जुट जाते हैं, वहीं विकास ने अपने कमरे को ही “डिजिटल अड्डा” बना लिया। वह घंटों कमरे में बंद रहकर लैपटॉप और मोबाइल पर इंटरनेट खंगालता रहता था। धीरे-धीरे अश्लील वीडियो और फोटो तलाशना उसकी आदत नहीं, उसकी पूरी जिंदगी बन गई।
वर्ष 2020 से उसने Telegram और Instagram पर गुप्त तरीके से नेटवर्क बनाना शुरू किया। देखते ही देखते उसने करीब 21 सीक्रेट चैनल और ग्रुप तैयार कर लिए।इन चैनलों पर अश्लील वीडियो, आपत्तिजनक फोटो और प्राइवेट क्लिप अपलोड किए जाते थे।पुलिस जांच में करीब 10 हजार अश्लील वीडियो और 40 हजार आपत्तिजनक फोटो बरामद होने की बात सामने आई है।सबसे डराने वाली बात यह रही कि उसके नेटवर्क से करीब 7 हजार यूजर्स जुड़े थे, जिनमें आठवीं से इंटर तक के नाबालिग छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सीओ सिटी अंकित मिश्रा के मुताबिक विकास सिंह ने इस गंदे धंधे को बाकायदा “ऑनलाइन बिजनेस” बना दिया था।उसने सब्सक्रिप्शन प्लान तैयार कर रखे थे।350 रुपए में मंथली प्लान, 450 रुपए में क्वार्टरली प्लान और 600 रुपए में हाफ इयरली प्लान देकर वह लोगों को अपने प्राइवेट चैनलों का एक्सेस देता था। Ddose007.netofficial और Ddose007.netALL समेत कई गुप्त चैनलों के जरिए वह यह नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक विकास तकनीकी रूप से बेहद शातिर था।अगर उसे किसी वीडियो का सिर्फ छोटा क्लिप या स्क्रीनशॉट भी मिल जाता था, तो वह Google Lens और दूसरी तकनीकी मदद से उस वीडियो की असली लोकेशन और ओरिजिनल फाइल तक पहुंच जाता था। इसके बाद वह वीडियो डाउनलोड कर अपने टेलीग्राम चैनलों पर अपलोड कर देता था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई और तकनीकी समझ का इस्तेमाल उसने समाज में गंदगी फैलाने के लिए किया।
जांच में यह भी सामने आया कि विकास का कोई खास सामाजिक दायरा नहीं था।वह ज्यादातर समय अकेले कमरे में बंद रहकर इंटरनेट पर बिताता था।परिवार को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि उनका बेटा ऑनलाइन दुनिया में क्या खेल खेल रहा है।
इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब हरदोई के एक नाबालिग छात्र का अश्लील वीडियो Telegram चैनल पर अपलोड कर दिया गया।पीड़ित की शिकायत के बाद 17 मई 2026 को हरदोई साइबर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। शहर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर रोशन सिंह की तहरीर पर जांच शुरू हुई। पुलिस ने बेहद शातिर तरीके से जाल बिछाया।मुखबिर के जरिए आरोपी के चैनल का सब्सक्रिप्शन लेने की कोशिश की गई। विकास सिंह ने 350 रुपए मांगे और बैंक अकाउंट नंबर भेज दिया। बस… यही एक छोटी सी गलती उसके पूरे “डिजिटल साम्राज्य” के खत्म होने की वजह बन गई।
साइबर टीम ने जैसे ही बैंक खातों की जांच शुरू की, अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस के मुताबिक उसके खातों में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई।पुलिस ने खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों तक फैले थे और क्या इसमें और लोग भी शामिल थे।
पूछताछ के बाद हरदोई पुलिस प्रयागराज पहुंची और विकास सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को आरोपी को एसडीएम सदर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 और आईपीसी की धारा 294 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इंटरनेट से डाउनलोड किए गए कंटेंट के अलावा उसके पास और कौन-कौन से स्रोत थे।
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस खतरनाक डिजिटल अंधेरे का सच है जहां मोबाइल और इंटरनेट के जरिए बच्चों की मासूमियत को निशाना बनाया जा रहा है। जिस तकनीक से लोग अपना भविष्य बनाते हैं, उसी तकनीक का इस्तेमाल विकास सिंह ने समाज में गंदगी फैलाने और नाबालिग बच्चों तक अश्लीलता पहुंचाने के लिए किया।
हरदोई पुलिस की कार्रवाई ने इस नेटवर्क का पर्दाफाश जरूर कर दिया, लेकिन यह घटना हर अभिभावक के लिए बड़ा अलार्म है। क्योंकि अब खतरा सिर्फ सड़कों पर नहीं, बल्कि बच्चों के मोबाइल की स्क्रीन के भीतर भी छिपा बैठा है
