अयोध्या: भीषण गर्मी में जब मरीज राहत की आस लेकर जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी ओपीडी पहुंचता है, तो वहां लगा AC खुद ‘बुखार’ से तप रहा है। हालत यह है कि इमरजेंसी में लगी तीन AC में से दो खराब पड़ी हैं। नई लगाई गई AC भी कुछ दिन में ही दम तोड़ गई।

X-Ray रूम की AC भी बीमार, CT स्कैन का प्रिंटर ठप
सिर्फ इमरजेंसी ही नहीं, एक्स-रे रूम की एक AC भी बंद पड़ी है। वहीं सीटी स्कैन का प्रिंटर खराब होने से मरीजों को जांच के बाद फिल्म तक नसीब नहीं हो रही। मरीज रिपोर्ट के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

डॉक्टर मरीज का इलाज कर रहे, AC का नहीं
इमरजेंसी में आने वाले पीड़ितों का डॉक्टर इलाज तो कर देते हैं, मगर वहां तप रहे मरीजों और तीमारदारों की सुध लेने वाला कोई नहीं। आरोप है कि प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह और अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी भी ‘बीमार’ AC को स्वस्थ करने का कोई उपचार नहीं कर रहे।

वार्डों में कूलर लगे, पानी नदारद
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि वार्डों में कूलर तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें रोज पानी भरना भी मुनासिब नहीं समझा जा रहा। भीषण गर्मी में मरीज कूलर के सामने भी पसीना पोछते नजर आते हैं।

सवाल सिस्टम से

  1. जब इमरजेंसी में ही AC बीमार है तो आम मरीजों का क्या हाल होगा?
  2. नई AC कुछ दिन में ही कैसे खराब हो गई? क्या खरीद में खेल हुआ?
  3. CT स्कैन का प्रिंटर ठीक कराने में देरी क्यों?
  4. वार्डों में लगे कूलर में पानी भरवाने की जिम्मेदारी किसकी है?खेल

अब देखना यह है कि प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह और अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी अस्पताल की ‘बीमार’ मशीनों का इलाज कब तक शुरू कराते हैं। जब तक AC स्वस्थ नहीं होगी, तब तक इमरजेंसी में आने वाला हर मरीज सिस्टम की लापरवाही की गर्मी से झुलसता रहेगा।

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