रिपोर्ट-ओमप्रकाश साहू

मोहनलालगंज/लखनऊ। तहसील मोहनलालगंज क्षेत्र में रायबरेली-मौरावां रोड चौराहे पर प्रशासन द्वारा लगाई गई सीमेंट की दीवार की बैरिकेडिंग से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मुख्य चौराहे को पक्की दीवार से बंद कर देने के कारण वाहन चालकों को 4 से 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।

प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए करीब 4 महिने पहले चौराहे के बीचों-बीच 4 फीट ऊंची सीमेंट की दीवार खड़ी कर बैरिकेडिंग कर दी गई। इसके बाद से रायबरेली से मौरावां और मौरावां से लखनऊ जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को नगराम या सिसेंडी के रास्ते होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे न केवल समय और ईंधन की बर्बादी हो रही है बल्कि संकरे वैकल्पिक मार्गों पर भी जाम की स्थिति बन रही है।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली वाहनों, एंबुलेंस और रोडवेज बसों को उठानी पड़ रही है। सुबह-शाम के समय नगराम मार्ग पर भीषण जाम लग रहा है। त्योहारी सीजन के चलते व्यापारियों का माल भी समय से बाजार नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और जनसुनवाई के रातों-रात चौराहा बंद कर दिया गया।

नियमानुसार किसी भी मुख्य मार्ग को स्थायी रूप से बंद करने से पहले लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त समिति से सर्वे कराना अनिवार्य होता है। साथ ही स्थानीय लोगों को 15 दिन पहले नोटिस देकर आपत्ति मांगी जाती है। लेकिन इस मामले में कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।

बैरिकेडिंग के कारण क्षेत्र के करीब 20 गांवों के 15 हजार से अधिक लोगों का सीधा संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। लोगों ने जिलाधिकारी लखनऊ से मांग की है कि तत्काल दीवार हटवाकर चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल या पुलिस पिकेट की व्यवस्था की जाए ताकि आवागमन सुचारू हो सके।

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