धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज। विभाग की कार्यप्रणाली का एक अजीब मामला सामने आया है। जिस ग्राम विकास अधिकारी को वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों में निलंबित किया गया था, उन्हें बहाल करते हुए दोबारा उसी ब्लॉक में तैनात कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
निचलौल ब्लॉक के भेड़िया ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता का एक मामला प्रकाश में आया था। इस गंभीर मुद्दे को 22 दिसंबर 2025 को प्रमुखता से उठाया गया था। वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर जिला विकास अधिकारी भोला नाथ कन्नौजिया ने 26 फरवरी को ग्राम विकास अधिकारी राजीव रामचंद्रन को निलंबित कर दिया था।

जांच में क्या मिला?
मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी को मनरेगा धनराशि में ₹1.48 लाख की अनियमितता करने और टेंडर नियमों के विरुद्ध निजी खातों में भुगतान किए जाने का दोषी पाया गया।
दोषी मिलने के बाद भी मिली उसी ब्लॉक में तैनाती
जांच पूरी होने के बाद जिला विकास अधिकारी ने राजीव रामचंद्रन की एक पदोन्नति (प्रमोशन) रोकने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई करते हुए 22 मई को उन्हें सेवा में बहाल कर दिया। हैरानी की बात यह है कि बहाली के साथ ही उनकी तैनाती दोबारा उसी निचलौल ब्लॉक में कर दी गई है। इसी फैसले के बाद से यह पूरा मामला अब चर्चा और विवादों में आ गया है।
मुख्य विकास अधिकारी का बयान:
“मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की लापरवाही बिल्कुल भी ठीक नहीं है।” > — महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
