60 वर्षों से सड़क की मांग अधूरी, बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की जान पर संकट — भाकियू क्रांति ने गांव पहुंचकर उठाई आवाज
बहुयामी समाचार एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट
मोहम्मदी खीरी। मोहम्मदी विधानसभा 144 क्षेत्र के साहिबगंज ग्रांट के मजरा विकास नगर में सड़क न होने से ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। गांव के लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 2027 तक गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क नहीं बनी तो “रोड नहीं तो वोट नहीं” के तहत चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

ग्रामीणों की समस्या जानने भारतीय किसान यूनियन क्रांति के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शाह गांव पहुंचे, जहां महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने अपनी पीड़ा सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि आज तक गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए कोई सड़क नहीं बनाई गई है, जिससे लोगों को खेतों की मेड़ों के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
गांव के रामशरण ने बताया कि वह पिछले 60 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और बीते 6 वर्षों से लगातार सड़क की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन बार विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह से भी गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं महिला रामकली ने कहा कि अगर सड़क नहीं बनी तो गांव की महिलाएं भी इस बार मतदान नहीं करेंगी।
ग्रामीण मंगगुलाला ने कहा कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की ओर मुड़कर नहीं देखते। अब ग्रामीण पहले सड़क फिर वोट की बात पर अड़े हुए हैं।
गांव की 8 वर्षीय बच्ची रोशनी ने बताया कि गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर रेहरिया विद्यालय पढ़ने जाना पड़ता है और रास्ता न होने के कारण खेतों की मेड़ों से होकर जाना पड़ता है, जिससे आए दिन गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण चंद्रकाली ने बताया कि सड़क और विद्यालय न होने के कारण गांव के 40 से अधिक बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अगर कोई बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई या गोद में उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नेताओं ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव बीतते ही सभी वादे हवा हो गए।
इस दौरान भाकियू क्रांति के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शाह ने गांव के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को संगठन की सदस्यता दिलाकर आई कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि गांव की सड़क की लड़ाई संगठन पूरी मजबूती से लड़ेगा और ग्रामीणों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले एसडीएम ने भी गांव पहुंचकर सड़क को लेकर निरीक्षण किया था और जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है।
