जनपद बाराबंकी के दशहरा बाग स्थित असद नगर वार्ड नंबर 17 में नगर पालिका प्रशासन, सभासद और चेयरमैन के खिलाफ मोहल्लेवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। स्थानीय लोगों ने वार्ड सभासद आलोक वर्मा, चेयरमैन शीला सिंह वर्मा, उनके प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा और अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है।


मोहल्ले के लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब जनता की मूलभूत समस्याओं की बात आती है तो कोई सुनवाई नहीं होती। लोगों ने चेतावनी दी है कि आने वाले चुनाव में इसका जवाब वोट की ताकत से दिया जाएगा।


स्थानीय निवासी नीलोफर ने बताया कि मोहल्ले की सड़क पहले ही पास हो चुकी थी, लेकिन उसका बजट और पैसा उस इलाके में खर्च कर दिया गया जहां वीआईपी लोग रहते हैं। उनका आरोप है कि असद नगर की अनदेखी कर भ्रष्टाचार किया गया और जनता को बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है।
शकीला बानो ने बताया कि मोहल्ले में आए दिन नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से नहीं आते और मोहल्लेवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।


वहीं सोनू ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों को पैसे देने के बाद ही थोड़ा बहुत पानी निकाला जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही हालात बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मोहल्ले में गंदगी और बदबू का माहौल बना रहता है।
सायरा बानो ने बताया कि इस समस्या की शिकायत कई बार चेयरमैन शीला सिंह वर्मा और नगर पालिका प्रशासन से की गई, लेकिन किसी ने भी गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया। शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं।
विजय जायसवाल ने कहा कि जब लोग सभासद से शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “यहां ज्यादातर किराएदार रहते हैं।” मोहल्लेवासियों का कहना है कि आखिर किराएदार भी इंसान हैं और टैक्स व बिल भरते हैं, तो फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।


हाजी आमिर ने बताया कि पूर्व सभासद दिनेश तिवारी और तत्कालीन चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव के कार्यकाल में साफ-सफाई और नालियों की व्यवस्था काफी बेहतर थी। उस समय पानी भरने जैसी समस्या नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़क ऊंची हो जाने की वजह से नालियों का पानी सड़क और घरों में भर जाता है, इसलिए सड़क का पुनर्निर्माण बेहद जरूरी है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो Ishan Pratap Singh को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी। साथ ही निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन सिर्फ हाउस टैक्स, पानी का बिल और अन्य शुल्क लेने के समय ही वार्ड में दिखाई देता है, लेकिन जब जनता जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं से जूझती है तब उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। मोहल्लेवासियों ने सवाल उठाया कि क्या यही जनता के साथ सौतेला व्यवहार नहीं है।

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