धर्मेन्द्र कसौधन/राष्ट्रीय ब्यूरो
महराजगंज।तहसील निचलौल के नजारत अनुभाग में कार्यरत रहे नियमित चपरासी दिवंगत नन्दलाल के निधन के बाद उनके अनुकंपा नियुक्ति मामले में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संवेदनशीलता और कड़ा रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तत्काल मृतक कर्मचारी की पत्नी की इच्छा और सहमति के आधार पर ही नियुक्ति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

क्या है पूरा मामला?
प्रार्थिनी सोना देवी (पत्नी स्व० नन्दलाल), निवासी ग्राम पनेवा पनेई, थाना कोतवाली, तहसील सदर, जनपद महराजगंज ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके पति का निधन 02 जनवरी 2026 को हो गया था। उनके पांच पुत्र हैं, जिनमें से बड़े बेटे अमित कुमार और दूसरे बेटे अविनाश कुमार का विवाह हो चुका है।
सोना देवी ने अपने बड़े बेटे और बहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा परिवार से अलग रहते हैं।
तीसरे बेटे के नाम पर मां और भाइयों की सहमति
पीड़ित मां ने अपने तीसरे पुत्र अभिषेक कुमार गौतम को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिए जाने हेतु अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की। मां के इस फैसले का उनके अन्य बेटों—अविनाश कुमार, अमिताभ कुमार और आदित्य कुमार ने भी लिखित रूप से समर्थन किया है। प्रार्थिनी ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि उनके भरण-पोषण, देखभाल और पूरे परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन अभिषेक कुमार गौतम द्वारा ही किया जाएगा।
‘मां-बाप की सेवा फर्ज, दुर्व्यवहार निंदनीय’ — जिलाधिकारी
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल का मानवीय और सख्त रूप देखने को मिला। उन्होंने आरोपित बड़े बेटे को कड़ी चेतावनी देते हुए परिवार के प्रति जिम्मेदार और मर्यादित व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।
”मां–बाप अपनी संतानों को हर दुख-तकलीफ सहकर पाल–पोष कर बड़ा करते हैं। बड़े होने पर औलाद का ऐसा व्यवहार बेहद निंदनीय और घृणित है। मां-बाप की सेवा करना सभी संतानों का परम फर्ज है, इसके बदले किसी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी महराजगंज
पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी
जिलाधिकारी ने साफ किया कि अनुकंपा नियुक्ति की कार्यवाही पूरी तरह से मृतक की पत्नी (मां) की इच्छानुसार ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने अतिरिक्त उपजिलाधिकारी प्रेम प्रकाश पाण्डेय को निर्देशित किया कि वे मृतक कर्मचारी की पत्नी की मंशा के अनुरूप नियुक्ति संबंधी आवश्यक कागजी कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के भी कड़े निर्देश दिए हैं।
