​महराजगंज। जनपद में यूपी छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और विसंगति मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव ने छात्रवृत्ति मास्टर डाटाबेस में एक से अधिक बार (डुप्लीकेट) दर्ज हो चुके शिक्षण संस्थानों के नामों को हटाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक और डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को पत्र भेजकर 15 जून, 2026 तक रिपोर्ट तलब की गई है।

​आधिकारिक पत्र के अनुसार, जनपद में संचालित पूर्वदशम एवं दशमोत्तर (कक्षा 11–12 एवं अन्य उच्च कक्षाओं सहित) छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कतिपय शिक्षण संस्थानों के नाम मास्टर डाटाबेस में एक से अधिक बार प्रदर्शित हो रहे हैं। इस डुप्लीकेसी के कारण संबंधित शिक्षण संस्थानों को अपनी प्रोफाइल लॉक करने और छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में लगातार तकनीकी विसंगतियों का सामना करना पड़ रहा था।

​इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पत्र के साथ संलग्न सूची के आधार पर डुप्लीकेट नामों को चिन्हित किया जाए। इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया तय की गई है:
​सही संस्थान के नाम के आगे टिक का निशान लगाना होगा।
​डुप्लीकेट संस्थान के नाम के आगे क्रॉस का निशान लगाना होगा।
​संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से शिक्षण संस्थानों को सूचित कर आगामी 15 जून, 2026 तक हर हाल में सही जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि निदेशक (समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ) और जिलाधिकारी महराजगंज सहित उच्चाधिकारियों को भी सूचनार्थ भेजी गई है। इसके साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के ऐसे सभी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों, प्राचार्यों और प्रधानाचार्यों से भी अपील की है, जिनके संस्थान का नाम डाटाबेस में दोबारा दिख रहा है, वे निर्धारित समयावधि के भीतर खुद भी कार्यालय से संपर्क कर तत्काल सही सूचना दर्ज कराएं ताकि छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

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