बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे की एक महिला ने अपने बेटे के सऊदी अरब में कथित तौर पर लापता होने के मामले में सांसद से हस्तक्षेप की मांग की है। महिला का कहना है कि उनके बेटे को सऊदी अरब की सीआईडी पुलिस पूछताछ के लिए ले गई थी, जिसके बाद से उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया है।


मोहल्ला नालापार दक्षिणी-1, फतेहपुर निवासी सिराजुल खातून पत्नी मोहम्मद युसूफ ने लोकसभा क्षेत्र बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र इमामुद्दीन उर्फ इमाम लगभग तीन वर्ष पूर्व ड्राइवर के वर्क वीजा पर सऊदी अरब के मदीना क्षेत्र में रोजगार के लिए गया था।
इमामुद्दीन वर्क वीजा की अवधि समाप्त होने पर तीन माह की छुट्टी पर भारत आया था। इसके बाद वह 17 अक्टूबर 2025 को दोबारा सऊदी अरब लौटकर काम करने लगा था।
परिजनों के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 की सुबह करीब चार बजे सऊदी अरब से फोन पर सूचना मिली कि इमामुद्दीन को वहां की सीआईडी पुलिस उसके कमरे से पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। इस घटना के बाद से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो सका है।
परिवार ने सऊदी अरब में मौजूद परिचितों और युवक के कफील (नियोक्ता) से भी संपर्क किया, लेकिन लगभग 40 दिन बीत जाने के बाद भी इमामुद्दीन के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। पुत्र के बारे में कोई खबर न मिलने से परिवार गहरे सदमे और चिंता में है।
सिराजुल खातून ने सांसद से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अपने पुत्र का पता लगाकर उसे सकुशल भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, विदेश मंत्री और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को भी पत्र भेजकर मदद की अपील की गई है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप से युवक की स्थिति का पता चल सकेगा और उसकी सुरक्षित वापसी संभव हो सकेगी।
फतेहपुर से रवि रावत की रिपोर्ट
