बाराबंकी में सरयू-घाघरा का जलस्तर बढ़ा, कई गांव में बाढ़ खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही नदी, ग्रामीण बांध पर रहने को मजबूर
फतेहपुर से रवि रावत की रिपोर्ट
बाराबंकी में सरयू-घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है। नदी का पानी तेजी से फैलने के कारण सुंदरनगर, बेलहारी, भलाईपुर, बाबापुरवा, ललपुरवा, कोड़री और सरसंडा सहित कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। इससे गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कटने लगा है और लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में सुंदरनगर गांव के निवासियों ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपने घरों का आवश्यक सामान समेटना शुरू कर दिया है। कई परिवार बांध पर पहुंचकर अस्थायी झुग्गियां बना रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीण अपने साथ अनाज, कपड़े, पशुओं का चारा और घरेलू उपयोग की जरूरी सामग्री लेकर बांध पर डेरा डाल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्हें आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर सकता है। पिछले वर्षों की बाढ़ से हुए नुकसान को याद कर लोग पहले से ही सतर्क हो गए हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर घाघरा-सरयू नदी खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और प्रशासनिक अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। राजस्व विभाग, पीएससी बल और अन्य संबंधित विभागों की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जोखिम उठाकर बाढ़ वाले क्षेत्रों में न रहें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। साथ ही किसी भी प्रकार की आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।

