लखनऊ: बहुआयामी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने आज राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और लखनऊ पुलिस प्रशासन के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि लखनऊ की सड़कों पर आज कानून-व्यवस्था के नाम पर गरीब रेहड़ी-पटरी दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर्स) का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बहुआयामी राजनीतिक पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।गरीब दुकानदारों के पेट पर लात मार रहा है प्रशासनपार्टी की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि लखनऊ के विभिन्न वीआईपी और व्यस्त इलाकों (जैसे हजरतगंज, गोमती नगर, और चारबाग) में सालों से अपनी आजीविका चला रहे छोटे पटरी व्यवसायियों को बिना किसी वैकल्पिक पुनर्वास योजना के जबरन हटाया जा रहा है।अवैध वसूली और भय का माहौल: पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की आड़ में इन छोटे दुकानदारों के ठेलों को ज़ब्त कर रहा है।अधिकारों का हनन: केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी-बड़ी योजनाओं के कागजी दावों के विपरीत ज़मीनी हकीकत यह है कि रोज़ कमाकर खाने वाले परिवारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।बिना अग्रिम सूचना ‘रोड डायवर्जन’ से लखनऊ बंधकपार्टी ने शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस द्वारा बिना किसी पूर्व सार्वजनिक नोटिस या डिजिटल एडवाइजरी के अचानक सड़कों को ब्लॉक (Road Diversion) कर देने के तुगलकी फरमानों पर भी तीखा हमला बोला।घंटों जाम में फंसती एम्बुलेंस: अचानक लगाए जाने वाले बैरिकेड्स और डायवर्जन के कारण रोज़ाना दफ्तर जाने वाले आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस) को घंटों भीषण जाम से जूझना पड़ता है।कुप्रबंधन का शिकार जनता: ट्रैफिक पुलिस सोशल मीडिया या मुख्य चौराहों पर पहले से सटीक जानकारी साझा नहीं करती, जिससे पूरा शहर अचानक पूरी तरह ठप हो जाता है।बहुआयामी राजनीतिक पार्टी की सरकार से सीधी मांगेंपार्टी ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी देते हुए लखनऊ जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं:स्मार्ट वेंडिंग जोन का निर्माण: जब तक सभी चिह्नित रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित और सुरक्षित वेंडिंग जोन आवंटित नहीं किए जाते, तब तक उनका उत्पीड़न तुरंत रोका जाए।24 घंटे पहले रूट डायवर्जन की सूचना: किसी भी वीआईपी मूवमेंट या आयोजन के लिए रोड बंद करने से कम से कम 24 घंटे पहले जनता के लिए डिजिटल और प्रिंट मीडिया पर नक्शा और वैकल्पिक मार्ग जारी करना अनिवार्य किया जाए।मुआवजे की व्यवस्था: पुलिस कार्रवाई के दौरान जिन दुकानदारों का सामान नष्ट हुआ है, उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।”बहुआयामी राजनीतिक पार्टी सदैव आम जनता, युवाओं और समाज के हर छोटे व्यवसायी के हकों की लड़ाई लड़ती आई है। अगर लखनऊ पुलिस और सरकार ने अपनी इस मनमानी नीति को तुरंत वापस नहीं लिया, तो हमारी पार्टी सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण ढंग से उग्र जन-आंदोलन करने को बाध्य होगी।”— केंद्रीय कोर कमेटी, बहुआयामी राजनीतिक पार्टी

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