विषय: लखनऊ के दुबग्गा-हरदोई रोड पर ‘एरा मेडिकल कॉलेज’ और ‘चरक अस्पताल’ क्षेत्र में बढ़ते जन-असंतोष व डिलीवरी संकट के दृष्टिगत तत्काल ‘विभागीय उप-डाकघर’ (Sub Post Office) स्थापित करने हेतु ज्ञापन।

महोदय/महोदया,
इस ज्ञापन के माध्यम से बहुयामी राजनीतिक दल/ पार्टी आपका ध्यान लखनऊ पश्चिम के दुबग्गा-हरदोई रोड क्षेत्र में बुनियादी डाक सेवाओं के अभाव के कारण उत्पन्न हो रहे गंभीर जन-आक्रोश और प्रशासनिक विफलता की ओर आकर्षित करना चाहती है। यह अत्यंत खेद का विषय है कि स्मार्ट सिटी लखनऊ का यह सबसे तेजी से बढ़ता एजुकेशनल और कमर्शियल हब आज भी एक पूर्णकालिक डाकघर के लिए तरस रहा है।
बहुयामी राजनीतिक दल /पार्टी ने जब इस क्षेत्र का जमीनी सर्वेक्षण किया, तो निम्नलिखित अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बिंदु सामने आए हैं, जिन पर तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है:

  1. मेडिकल छात्रों, प्रोफेसरों और रिसर्चर्स का अकादमिक शोषण:
    हरदोई रोड पर स्थित एरा फ्रेंड्स मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और चरक अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों में हजारों की संख्या में मेडिकल छात्र, देश-विदेश के वरिष्ठ प्रोफेसर, सहायक शिक्षक और वैज्ञानिक (Research Scholars) कार्यरत हैं। इन्हें आए दिन नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC), विश्वविद्यालयों और वैश्विक शोध संस्थानों को अपनी थीसिस, रिसर्च पेपर्स, ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स और दवाइयों के सैंपल्स भेजने या मंगाने होते हैं। एक भी नजदीकी डाकघर न होने से इनका शैक्षणिक और शोध कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
  2. डिलीवरी बॉयज का संकट और जरूरी पार्सल में देरी:
    क्षेत्र में बड़ा डाकघर न होने के कारण एरा और चरक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व छात्रों के जरूरी पार्सल, महत्वपूर्ण स्पीड पोस्ट और मेडिकल रिपोर्ट्स आए दिन लेट हो जाती हैं। दूर के डाकघरों से आने वाले डिलीवरी बॉयज को यह बड़ा क्षेत्र कवर करने में कठिनाई होती है, जिससे जीवन रक्षक दवाइयों और आवश्यक दस्तावेजों की डिलीवरी समय पर नहीं हो पाती। छात्र और डॉक्टर हर दिन इस मानसिक तनाव को झेलने को मजबूर हैं।
  3. चौक मुख्य डाकघर पर भारी-भरकम भीड़ और दूरी का अभिशाप:
    वर्तमान में इस पूरे क्षेत्र को ‘चौक मुख्य डाकघर’ से संबद्ध किया गया है, जो यहाँ से अत्यंत दूर है। इसके अतिरिक्त, चौक डाकघर पर पहले से ही जनता का भारी-भरकम दबाव और भारी भीड़ होती है। दुबग्गा के लोगों को एक छोटे से काम (जैसे आधार कार्ड सुधार, रजिस्ट्री या सुकन्या योजना) के लिए भी चौक जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। दूसरी ओर, आईआईएम रोड या दुबग्गा के छोटे ग्रामीण ब्रांच ऑफिस इस विशाल कमर्शियल आबादी की हाई-टेक डाक जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह असमर्थ और बहुत दूर हैं।
  4. एशिया की बड़ी सब्जी मंडी और ट्रांसपोर्ट हब की अनदेखी:
    दुबग्गा फल व सब्जी मंडी और यहाँ का मुख्य बस व ट्रांसपोर्ट टर्मिनल रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही का गवाह बनता है। यहाँ के व्यापारियों, आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और किसानों को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन, चेकबुक, सरकारी टैक्स नोटिस और व्यापारिक कागजात भेजने होते हैं। सरकारी डाकघर न होने से यह पूरा व्यापारिक वर्ग निजी कूरियर कंपनियों के हाथों लुटने को मजबूर है।
    बहुयामी राजनीतिक दल/ पार्टी की स्पष्ट मांगें:
  • दुबग्गा चौराहा या एरा मेडिकल कॉलेज के समीप हरदोई रोड पर तत्काल एक विभागीय उप-डाकघर (Sub Post Office) की स्थापना की जाए।
  • इस नए डाकघर में आधुनिक कोर बैंकिंग, हाई-स्पीड पार्सल बुकिंग, और एक परमानेंट आधार अपडेशन सेंटर अनिवार्य रूप से खोला जाए।
  • मेडिकल संस्थानों के लिए विशेष डाक वितरण व्यवस्था (Dedicated Delivery Stream) सुनिश्चित की जाए ताकि डिलीवरी में देरी का संकट हमेशा के लिए खत्म हो।
    हमें विश्वास है कि आप मामले की संवेदनशीलता और हमारे तर्कों की गंभीरता को समझते हुए तत्काल दुबग्गा में नया पोस्ट ऑफिस खोलने की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करेंगे।

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