​महराजगंज:भारत-नेपाल सीमा पर स्थित महराजगंज जिले से दोहरी नागरिकता से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि नेपाल का एक स्थायी निवासी भारत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी शिक्षक की नौकरी कर रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

​निचलौल की रहने वाली सीमा देवी नामक महिला ने जिलाधिकारी महराजगंज को एक शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायत के अनुसार, नगर पंचायत निचलौल के महाशय मोहल्ला (वार्ड नंबर-03) के निवासी अयोध्या पटेल (पुत्र स्वर्गीय ऋषिकेश पटेल) पर दोहरी नागरिकता रखने का गंभीर आरोप है।


​दावा किया गया है कि अयोध्या पटेल मूल रूप से नेपाल के लुम्बिनी प्रदेश के अंतर्गत जिला नवलपरासी (सोमनी ग्राम-5) के स्थायी निवासी हैं। शिकायतकर्ता ने सबूत के तौर पर उनके नेपाल का नागरिकता प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र होने की बात कही है।

​शिकायत में कहा गया है कि अयोध्या पटेल ने नेपाल का नागरिक होने के बावजूद भारत में फर्जी परिवार रजिस्टर की नकल तैयार करवाई और उसके आधार पर मृतक आश्रित कोटे से सरकारी अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली। वर्तमान में वह निचलौल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बुढाडीह खुर्द में तैनात हैं।

​जांच पर उठे सवाल: इससे पहले पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) निचलौल द्वारा की गई जांच में आरोपी ने लिखित बयान दिया था कि उसके पूर्वज नेपाल में रहते थे और अब उसका नेपाल से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजनीतिक रसूख और ऊंचे संपर्कों के चलते इस जांच को अधूरा छोड़ते हुए मामले को रफा-दफा कर दिया गया था।

सीमा देवी ने अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए अयोध्या पटेल के परिवार रजिस्टर और नागरिकता की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। आवेदन के साथ नेपाल और भारत के मतदाता पहचान पत्रों, नागरिकता प्रमाण पत्र और भारतीय पहचान पत्रों की प्रतियां भी साक्ष्य के रूप में संलग्न की गई हैं।

शिकायतकर्ता के आरोपों को लेकर जब हमने बात की तो उक्त आरोपों की अयोध्या पटेल ने खंडन करते हुए कहा कि, “ऐसा कुछ नही है..! सब फँसाने के लिए जाल रचा गया है ये सब आरोप फर्जी हैं और नागरिकता फ़ोटोकॉपी और कूटरचित है..,ये सब झूठा है। मैं उन पर मानहानि का दावा भी करूंगा।”

​भारत-नेपाल सीमा पर दोहरी नागरिकता का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 जून 2026 को भी ठूठीबारी थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर भुजहवां के एक व्यक्ति को फर्जी नागरिकता के आरोप में नेपाल पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे इस अवैध खेल पर प्रशासनिक सतर्कता को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह है कि महराजगंज प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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