बरसात की बदबू से बेरोजगार परेशान, डेंगू मलेरिया का मंडरा रहा खतरा, नगर पालिका मौन।


गोण्डा। जिले का मुख्यालय, जहां से हर दिन हजारों लोगों का आना जाना है, वो खुद कूड़ाघर में तब्दील हो चुका है।शहर के बीचों-बीच स्थित सेवा योजन कार्यालय के ठीक सामने कूड़े का विशाल अंबार पिछले कई दिनों से सड़ रहा है।


नाक बंद कर आते हैं बेरोजगार


बरसात की नमी में ये कूड़ा सड़कर जहरीली बदबू छोड़ रहा है। इस बदबू ने पास-पड़ोस के लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सबसे ज्यादा बदहाल हालत उन सैकड़ों बेरोजगार युवाओं की है जो रोजगार के लिए सेवायोजन कार्यालय आते हैं। नाक पर रुमाल रखकर, मक्खियों को उड़ाते हुए उन्हें मजबूरी में फॉर्म जमा करना पड़ रहा है।


नगर पालिका की गाड़ी बना रही डंपिंग ग्राउंड


स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की गाड़ियां पूरे शहर का कूड़ा उठाकर धड़ल्ले से यहीं फेंक देती हैं। हैरानी की बात है कि कूड़े के ढेर से चंद कदम की दूरी पर आरटीओ ऑफिस का ड्राइविंग टेस्ट सेंटर है और थोड़ा आगे आईटीआई संस्थान है। यानी छात्र, अभिभावक और आम जनता, सभी इस गंदगी को रोज झेलने को मजबूर हैं।


बीमारी का खुला न्योता


स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खुले में सड़ रहा कूड़ा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस, उल्टी-दस्त और सांस की बीमारियों को सीधा न्योता दे रहा है। सड़े कचरे से उठने वाली मीथेन गैस और मच्छर-मक्खियां इस इलाके को बीमारी का हॉटस्पॉट बना रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बरसात के बाद अगर कूड़ा नहीं हटा तो मुख्यालय क्षेत्र में महामारी जैसी स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।


अधिकारी भी लाचार


जिला सेवायोजन अधिकारी गुलाब चंद्र मौर्य जी ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कई बार की है, पर अब तक कूड़ा नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा, “रोज सैकड़ों बेरोजगार आते हैं। ये बदबू उन्हें बहुत परेशान करती है।”
फिलहाल सवाल एक ही है। जब मुख्यालय की हालत ऐसी है तो बाकी शहर का क्या हाल होगा? नगर पालिका कब नींद से जागेगी?

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