दो महीने से शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, वर्षों तक सामुदायिक शौचालय में कार्य करने वाली महिला ने पत्रकार पर लगाया मजदूरी न देने और धमकाने का आरोप
अनिल कुमार साहू रुदौली अयोध्या एम डी न्यूज़ चैनल
रुदौली क्षेत्र हलीम नगर की एक बेसहारा महिला पिछले लगभग दो महीनों से न्याय की आस में लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है। महिला का आरोप है कि उसने कई वर्षों तक सामुदायिक शौचालय में कार्य किया, लेकिन आज तक उसे उसकी मेहनत की मजदूरी नहीं मिली। इतना ही नहीं, जब उसने अपना मेहनताना और अधिकार मांगा तो उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि उसने खंड विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी तथा रुदौली कोतवाली सहित कई अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित महिला के अनुसार वह बेहद गरीब और असहाय है। उसके एक पुत्र और एक पुत्री हैं तथा उसका पति काफी समय पहले उसे छोड़कर चला गया था। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह गांव के ही स्थानीय लोकल पत्रकार नफीस अहमद, निवासी हलीमनगर, के कहने पर सामुदायिक शौचालय में कई वर्षों तक कार्य करती रही। महिला का आरोप है कि उसे लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि भविष्य में उसी शौचालय में उसकी स्थायी नौकरी लगवा दी जाएगी। इसी भरोसे में उसने वर्षों तक बिना किसी आपत्ति के कार्य किया।
महिला का कहना है कि काफी समय बाद उसे जानकारी हुई कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर पत्रकार नफीस अहमद के पारिवारिक रिश्ते की एक महिला हैं और सरकारी भुगतान उसी के खाते में आता है। यह जानकारी मिलने के बाद महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसका आरोप है कि वह रोते हुए नफीस अहमद के पास पहुंची और कहा कि पक्की नौकरी का झांसा देकर उसके साथ धोखा किया गया तथा उसकी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं किया गया।
महिला के अनुसार जब उसने अपनी वर्षों की मजदूरी वापस मांगी तो कथित रूप से उसे साफ शब्दों में कहा गया कि “पैसा नहीं मिलेगा, जो करना है कर लो। तुम्हारी कहीं कोई सुनवाई नहीं होगी।” इसके साथ ही उसे डराने-धमकाने का भी प्रयास किया गया।
पीड़िता ने बताया कि न्याय की उम्मीद में उसने सबसे पहले खंड विकास अधिकारी को लिखित शिकायती पत्र देकर अपनी मजदूरी दिलाने तथा अपने अधिकार की मांग की, लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद वह उपजिलाधिकारी रुदौली कार्यालय पहुंची और वहां भी लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
महिला का आरोप है कि एसडीएम कार्यालय से बाहर निकलते समय ही पत्रकार नफीस अहमद वहां पहुंच गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए हाथ दिखाकर धमकी दी कि यदि उसने शिकायत वापस नहीं ली तो उसे जान से मार दिया जाएगा। महिला का आरोप है कि उससे कहा गया कि “एप्लीकेशन वापस ले लो, नहीं तो तुम्हें काट डालेंगे। मीडिया वालों को जो बयान दिया है, उसे भी वापस लेना होगा।”
महिला का कहना है कि इस घटना से वह बुरी तरह डर गई और किसी तरह अपने घर पहुंची। लेकिन उसका आरोप है कि इसके बाद भी मामला यहीं नहीं रुका। महिला के अनुसार पत्रकार नफीस अहमद कुछ अन्य लोगों के साथ उसके घर के बाहर पहुंचा और दोबारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी।
घटना से भयभीत महिला अगले दिन रुदौली कोतवाली पहुंची और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए लिखित शिकायती पत्र दिया। महिला का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपित के हौसले और बढ़ गए।
पीड़िता का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों, अधिकारियों के चक्कर लगाने और कहीं भी सुनवाई न होने के कारण वह मानसिक तनाव में आ गई है। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही है और अपने तथा अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार भयभीत है।
महिला का यह भी आरोप है कि जिस दिन से उसने सामुदायिक शौचालय में कार्य करना बंद किया, उसी दिन से वहां ताला लटका हुआ है। उसके अनुसार शौचालय में नियमित साफ-सफाई भी नहीं हो रही है और आम लोगों को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महिला का कहना है कि जब उपजिलाधिकारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय के बाहर ही उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई और उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे यह चिंता सताने लगी कि आखिर उसकी सुनवाई कहां होगी।
फिलहाल पीड़ित महिला ने हार नहीं मानी है। उसने पत्रकारों के माध्यम से अपनी आवाज जिलाधिकारी अयोध्या, मंडलायुक्त अयोध्या तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की अपील की है। महिला ने मांग की है कि उसकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वर्षों की बकाया मजदूरी दिलाई जाए, उसे सुरक्षा प्रदान की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पत्रकारिता या किसी अन्य प्रभाव का दुरुपयोग कर गरीब एवं बेसहारा महिलाओं का कथित रूप से शोषण न कर सके।
(नोट: यह समाचार पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए आरोपों, उसके शिकायती पत्रों एवं उसके पक्ष के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


