डीएम कार्यालय के बाहर परिवार समेत आत्मदाह का प्रयास, सतर्कता से टला बड़ा हादसा
रास्ते के विवाद से परेशान परिवार पहुंचा कलेक्ट्रेट, सुरक्षा कर्मियों की सूझबूझ से बची तीनों की जान
एमडी न्यूज़ से संवाददाता जितेंद्र कुमार गौतम के साथ सुमन भारती की रिपोर्ट
बरेली। गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव खमरिया साहनी निवासी 47 वर्षीय लालसिंह गंगवार अपनी पत्नी राजरानी और 8 वर्षीय बेटी नंदनी के साथ आत्मदाह करने पहुंच गए। मौके पर तैनात एलआईयू, इंटेलिजेंस और होमगार्ड कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परिवार ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया था और आत्मदाह की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान इंटेलिजेंस कर्मी ओमपाल सिंह, एलआईयू के अमित कुमार तथा होमगार्ड संदीप मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया और सुरक्षित कर लिया।
लालसिंह गंगवार का आरोप है कि गांव खमरिया साहनी में मंडनपुर रोड से जुड़ने वाले सरकारी खड़ंजा मार्ग को कुछ लोगों ने वाहन खड़े कर, पशु बांधकर तथा लकड़ियां रखकर अवरुद्ध कर दिया है, जिससे उनके परिवार सहित कई ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
राजस्व विभाग की प्रारंभिक जांच में मार्ग पर अस्थायी अवरोध मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं विपक्षी पक्ष का दावा है कि संबंधित भूमि उनकी निजी संपत्ति है, जिसे उनके पूर्वजों ने वर्ष 1959 में खरीदा था। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 1986 में क्षेत्र में चकबंदी हो चुकी है, इसलिए पुराने अभिलेखों और भूमि की स्थिति की भी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक रिपोर्ट में गांव में तनावपूर्ण स्थिति का उल्लेख करते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में विवाद का स्थायी समाधान कराने की आवश्यकता बताई गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था तथा वर्ष 2025 में प्रशासन द्वारा रास्ते से अतिक्रमण भी हटवाया गया था।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को समझाकर शांत कराया। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एमडी न्यूज़ की अपील:
किसी भी विवाद या समस्या का समाधान कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से ही तलाशें। आत्मघाती कदम किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

