धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
निचलौल (महाराजगंज)।रंगभेद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अलख जगाने वाले महान मानवतावादी नेता और दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की जयंती के अवसर पर निचलौल तहसील परिसर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस के मौके पर महाराजगंज जनपद के लोकप्रिय जिलाधिकारी (डीएम) गौरव सिंह सोगरवाल को सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रेश शास्त्री ने नेल्सन मंडेला का चित्र भेंट किया ।

रंगभेद के खिलाफ मंडेला का संघर्ष प्रेरणादायी
इस अवसर पर वक्ताओं ने नेल्सन मंडेला के ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि एक दौर था जब पूरी दुनिया रंगभेद के दंश से पीड़ित थी। भारत भी लंबे समय तक गोरों के इस अमानवीय भेदभाव और औपनिवेशिक क्रूरता का शिकार रहा। ऐसे में साल 1918 में अफ्रीका की धरती पर जन्मे नेल्सन मंडेला ने इस कुप्रथा के खिलाफ एक निर्णायक आंदोलन चलाया, जिसके लिए उन्हें अपने जीवन के 27 बहुमूल्य वर्ष जेल में बिताने पड़े। 18 जुलाई को उनकी जयंती के माध्यम से पूरी दुनिया को रंगभेद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश मिलता है।
समाज में न्याय और बंधुत्व की भावना जगाने का प्रयास
तहसील परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को मंडेला के जीवन और विचारों से परिचित कराना था। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को चित्र समर्पित करते हुए उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा कि आज की पीढ़ी को नेल्सन मंडेला के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने की जरूरत है। इस पहल के माध्यम से समाज के हर तबके में न्याय, बंधुत्व और समानता के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलेगी और लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव विकसित कर सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान तहसील के कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने नेल्सन मंडेला के सिद्धांतों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
