एम डी न्यूज़ चैनल से मोहम्मदी तहसील प्रभारी पंकज कनौजिया की रिपोर्ट

मोहम्मदी, खीरी। मोहम्मदी में पुलिस द्वारा की गई हाउस अरेस्ट की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयकरण वाजपेई के आवास पर 22 जुलाई से पुलिस की तैनाती को लेकर समर्थकों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयकरण वाजपेई ने बताया कि 22 जुलाई से उनके घर पर चौबीसों घंटे पुलिस का पहरा लगा हुआ है। उनका आरोप है कि यदि वह किसी आवश्यक कार्य से बाजार जाने का प्रयास करते हैं तो पुलिस उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने देती। शुक्रवार सुबह जैसे ही कार्यकर्ताओं को इस कार्रवाई की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए और हाउस अरेस्ट का विरोध किया।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना था कि सरकार की कार्यशैली जनतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वालों पर इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। इस दौरान अमर सिंह, सुभाष, सर्वेश, सुरजीत, गोल्डन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
इसी क्रम में मिशन जय भीम के जिला अध्यक्ष सुशील कनौजिया को भी पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई। सुशील कनौजिया ने बताया कि वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस उनके आवास पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया। उनका दावा है कि गुरुवार शाम करीब 4 बजे से ही पुलिस ने उन्हें घर पर ही रोक रखा था।
हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से हाउस अरेस्ट की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
