बाजना। लंबे समय से जिस औद्योगिक विकास की चर्चा हो रही थी, अब वह धीरे-धीरे धरातल पर उतरती दिखाई देने लगी है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जेवर और टप्पल-बाजना के बीच प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार कराने हेतु कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 14 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश ई निविदा पोर्टल पर इसके लिए टेंडर जारी किया गया है।टेंडर दस्तावेज के अनुसार चयनित कंसल्टेंट परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन करेगा और पूरे औद्योगिक नोड का मास्टर प्लान तैयार करेगा। जिसमें औद्योगिक क्षेत्र, सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस, व्यावसायिक गतिविधियों तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत योजना बनाई जाएगी। फलस्वरूप बाजना विकास कार्य मास्टर प्लान पर आधारित होगा। इस पहल से बाजना क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि यदि योजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है तो क्षेत्र में उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आसपास के गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही जमीन की मांग बढ़ने से संपत्तियों के दामों में भी तेजी आने की संभावना है।हालांकि अभी परियोजना प्रारंभिक योजना और मास्टर प्लान तैयार करने के चरण में है, लेकिन टेंडर जारी होने के बाद यह साफ हो गया है कि यीडा अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय हो चुका है। ऐसे में बाजना क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब मास्टर प्लान और इसके बाद शुरू होने वाले विकास कार्यों पर टिकी हैं। विकास कार्य को गति देने और अनियंत्रित विकास को रोकने के आदेश यीडा पूर्व में ही दे चुकी है।


