गोण्डा के तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सेझिया (पंडित पुरवा) निवासी दिव्यांग लाल बहादुर ने आरोप लगाया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तरबगंज में जन्मे उनके नवजात पुत्र को अस्पताल से गायब कर दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को उनकी पत्नी निर्मला ने अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया। उस समय वह अस्पताल में मौजूद नहीं थे और उनकी पत्नी बेहोश थी। आरोप है कि इसी दौरान अस्पताल की एक नर्स ने नवजात को एक महिला को सौंप दिया, जिसने आगे बच्चे को अपनी पुत्री के साथ भेज दिया।
पीड़ित का कहना है कि जब उनकी पत्नी को होश आया तो उसकी गोद खाली थी। तब से लेकर आज तक वह अपने बेटे की तलाश में अधिकारियों और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल… अगर यह आरोप सही हैं, तो एक सरकारी अस्पताल से नवजात कैसे गायब हो गया? सुरक्षा व्यवस्था कहाँ थी? जिम्मेदार कौन है? और सात महीने बाद भी मासूम का कोई सुराग क्यों नहीं?
पीड़ित ने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर नवजात की सकुशल बरामदगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मैं हूँ विजय विश्वकर्मा, कैमरा टीम के साथ… “तरबगंज की आवाज़”।
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वैकल्पिक हेडलाइन:
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